
टीएमसी पर तीखा प्रहार, औद्योगिक पुनरुत्थान, रोजगार सृजन एवं सुदृढ़ कानून-व्यवस्था का दिया भरोसा
आसनसोल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संदर्भ में आसनसोल क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियाँ तीव्र गति से बढ़ रही हैं। इसी क्रम में गुरुवार को आसनसोल स्थित पोलो मैदान में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार की नीतियों एवं कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना करते हुए राज्य में व्यापक परिवर्तन का आह्वान किया। सभा में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की लहर अब स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही है तथा यह जनभावना शीघ्र ही निर्णायक परिणाम का रूप धारण करेगी। उन्होंने कहा कि आगामी 23 अप्रैल को पश्चिम बर्दवान जिला के 9 विधानसभा सीटों पर होने वाला मतदान राज्य की दिशा एवं दशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग करते समय राज्य के विकास, सुरक्षा एवं समृद्ध भविष्य को प्राथमिकता दें।प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आसनसोल एवं दुर्गापुर के गौरवशाली औद्योगिक इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र कभी देश के औद्योगिक विकास का प्रमुख आधार रहा है। यहाँ इस्पात, रेल, काँच सहित विभिन्न उद्योगों की सुदृढ़ उपस्थिति थी, जिसके माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार प्राप्त होता था और क्षेत्र आर्थिक रूप से समृद्ध था। किंतु वर्तमान परिस्थितियों में उद्योगों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है, जिसके कारण स्थानीय युवाओं को रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के संरक्षण में पनप रही गुंडागर्दी एवं माफिया तंत्र के कारण उद्योगों का पलायन हो रहा है, जिससे क्षेत्र का आर्थिक ढाँचा प्रभावित हुआ है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि आसनसोल को उसकी पूर्व औद्योगिक पहचान पुनः दिलाने तथा राज्य को माफियाराज से मुक्त कराने का अवसर है। प्रधानमंत्री मोदी ने आश्वासन दिया कि यदि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार स्थापित होती है, तो विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा तथा निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर उद्योगों के पुनरुद्धार का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सुशासन एवं पारदर्शिता के माध्यम से राज्य को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने मालदा की घटना तथा सुरक्षाबलों के कथित अपमान का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में कानून का शासन सर्वोपरि होना चाहिए और किसी भी प्रकार की अराजकता को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए प्रत्येक प्रकार की गुंडागर्दी पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सभा के समापन पर प्रधानमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी के मूल मंत्र “सबका साथ, सबका विकास” को दोहराते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिन्होंने राज्य के संसाधनों का दुरुपयोग किया है, उनके प्रति “सबका हिसाब” किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने मतदाताओं से अपील की कि वे 23 अप्रैल को अपने मताधिकार का प्रयोग कर पश्चिम बंगाल के सुरक्षित, समृद्ध एवं उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 4 मई के पश्चात राज्य में अराजकता का अंत होगा तथा विकास, विश्वास और सुशासन पर आधारित नई व्यवस्था स्थापित होगी।
