
पानी, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं पर उठाए सवाल, निष्पक्ष चुनाव की उठाई मांग
जामुड़िया। पश्चिम बंगाल के जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में कांग्रेस प्रत्याशी तरुण गांगुली ने गुरुवार को जामुड़िया थाना मोड़ स्थित गांधी भवन ब्लॉक-1 कांग्रेस कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया।
इस मौके पर कांग्रेस नेता फहद हुसैन, ब्लॉक अध्यक्ष परितोष बाउरी, जिला कांग्रेस नेता सोमनाथ चटर्जी, कांग्रेस राज्य कमेटी सदस्य विश्वनाथ यादव, सुबल चक्रवर्ती सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पत्रकारों को संबोधित करते हुए तरुण गांगुली ने आरोप लगाया कि जामुड़िया की जनता के साथ बीते 44 वर्षों तक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) और पिछले पांच वर्षों से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने छलावा किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आज भी लोगों को पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं हो पाई है।
उन्होंने बताया कि जामुड़िया के दर्जनों गांव, जो अजय नदी के किनारे स्थित हैं, वहां भी लोग जल संकट से जूझ रहे हैं। इसके साथ ही क्षेत्र की सड़कों की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि जामुड़िया कुआं मोड़ से तालतोड़ गांव तक की सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जबकि जामुड़िया बाईपास सड़क भी जर्जर अवस्था में है। बिजली समस्या को लेकर उन्होंने कहा कि आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 3 अंतर्गत पड़िहारपुर गांव में पिछले 15 दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है, जिससे लोगों को अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि जामुड़िया के कई गांवों में अब तक राज्य सरकार की विद्युत आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। तरुण गांगुली ने कहा कि माकपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों ही सरकारों ने जामुड़िया की जनता को ठगा है, जिसके कारण आज लोग पानी, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जामुड़िया में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में हुए पंचायत, नगर निगम और विधानसभा चुनावों में धांधली और वोट लूट की घटनाएं सामने आई हैं। अंत में उन्होंने प्रशासन से अपील की कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि जनता निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
