ब्लास्टिंग नियंत्रण और पुनर्वास के आश्वासन पर माने ग्रामीण, न्यू केंदा ओसीपी में दो दिन बाद उत्पादन शुरू

जामुड़िया। ईसीएल केंदा एरिया अंतर्गत न्यू केंदा ओसीपी (कुआरी तीन) में दो दिनों तक बंद रहने के बाद शनिवार से पुनः कोयला उत्पादन का कार्य शुरू हो गया। यह निर्णय ग्रामीणों और ईसीएल प्रबंधन के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया गया। शनिवार को न्यू केंदा कोलियरी एजेंट कार्यालय में आयोजित बैठक में ईसीएल केंदा एरिया के महाप्रबंधक अक्षय चंद दे, कोलियरी एजेंट प्रदीप कुमार विश्वास, मैनेजर संजय मंडल तथा खनन कंपनी सीएमएटी के प्रतिनिधि हीरू बेग मौजूद रहे। बैठक में खेपाडांगा आदिवासी पाड़ा के ग्रामीणों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व न्यू केंदा ओसीपी कुआरी तीन में हुई तेज़ ब्लास्टिंग के कारण पास स्थित खेपाडांगा आदिवासी पाड़ा के कई घरों में दरारें पड़ गई थीं। इस घटना से नाराज ग्रामीणों ने पुनर्वास की मांग को लेकर ओसीपी का कार्य ठप कर दिया था। बैठक के दौरान महाप्रबंधक अक्षय चंद दे ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि आगामी दो महीनों के भीतर प्रभावित परिवारों का पुनर्वास कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक 46 घरों का सर्वे पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष 12 घरों का सर्वे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों को अपने जमीन संबंधी दस्तावेज तैयार रखने को कहा गया, ताकि उन्हें उचित मुआवजा मिल सके। ईसीएल प्रबंधन ने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में ब्लास्टिंग की तीव्रता को नियंत्रित किया जाएगा और कम शक्ति वाले विस्फोटक (जिलेटिन स्टिक) का उपयोग किया जाएगा। साथ ही, ब्लास्टिंग का समय दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच निर्धारित करने पर सहमति बनी।
ग्रामीणों की पेयजल समस्या को ध्यान में रखते हुए एक सप्ताह के भीतर 2000 लीटर क्षमता की पानी टंकी निर्माण कराने का भी आश्वासन दिया गया। इसके अलावा, स्थायी समाधान के रूप में तालाब निर्माण की मांग पर भी सकारात्मक रुख अपनाया गया।
बैठक के बाद ग्रामीणों और ईसीएल प्रबंधन के बीच लिखित समझौता हुआ, जिसके पश्चात ग्रामीणों की सहमति से ओसीपी में कार्य पुनः शुरू कर दिया गया।
ग्रामीण प्रतिनिधि कृष्णा मुर्मू ने बताया कि पुनर्वास कार्य पूरा होने तक ब्लास्टिंग नियंत्रित तरीके से करने की शर्त रखी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की क्षति के लिए ईसीएल प्रबंधन पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा। साथ ही, पूर्व में क्षतिग्रस्त दो घरों के मरम्मत कार्य को शीघ्र पूरा करने की मांग भी रखी गई है। बैठक में कृष्ण मुर्मू, रखोहरी हेंब्रम, नीमाई बाउरी, रॉबिन बाउरी, बोसाम हंसदा सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष ग्रामीण उपस्थित थे।

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