
रानीगंज। रानीगंज बचाओ मंच की ओर से आज महावीर क्षेत्र में एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें प्रस्तावित ओपन कास्ट कोयला खनन परियोजना के विरोध में कड़ा रुख व्यक्त किया गया। इस अवसर पर मंच के संयुक्त संयोजक गौतम घटक के साथ राजेंद्र प्रसाद खेतान, अलक चक्रवर्ती तथा विद्युत पांडे उपस्थित थे। संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए गौतम घटक ने कहा कि महावीर क्षेत्र रानीगंज का अभिन्न अंग है तथा यहां के निवासी किसी भी स्थिति में ओपन कास्ट खनन को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजना के क्रियान्वयन से स्थानीय लोगों को अपने घरों से विस्थापित होना पड़ेगा, जिसे क्षेत्रवासी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ठेकेदारों द्वारा अपने लोगों को नियमित रूप से क्षेत्र में भेजा जा रहा है, जो स्थानीय निवासियों पर दबाव बनाकर उन्हें जबरन हटाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा और इसके विरुद्ध संगठित रूप से प्रतिरोध किया जाएगा। गौतम घटक ने आगे कहा कि पानागढ़ से लेकर बराकर तक भूमिगत कोयला भंडार विद्यमान है। यदि इसी आधार पर ओपन कास्ट खनन किया जाता है, तो क्या इस विस्तृत क्षेत्र के सभी निवासियों को विस्थापित कर दिया जाएगा? यह एक गंभीर प्रश्न है, जिसका उत्तर संबंधित प्रशासन को देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि लोगों को उनके निवास स्थान से हटाया जाता है, तो विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर एवं श्रमिक वर्ग के लोगों के समक्ष आजीविका और पुनर्वास की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाएगी। इस विषय पर अभी तक कोई स्पष्ट नीति सामने नहीं आई है, जो चिंता का विषय है। उक्त मुद्दे को लेकर रानीगंज बचाओ मंच की ओर से आगामी 9 अप्रैल को सायं 7 बजे महावीर क्षेत्र में एक जनसभा आयोजित करने की घोषणा की गई है। इस जनसभा के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को एकजुट कर ओपन कास्ट खनन परियोजना के विरोध को और अधिक सशक्त किया जाएगा। मंच के प्रतिनिधियों ने सभी स्थानीय नागरिकों से इस सभा में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।
