बंगाल चुनाव 26: पश्चिम बंगाल का चुनाव ‘हिंदू तक की रक्षा’ का मुद्दा है – अग्निमित्रा पाल


आसनसोल, 27 मार्च  – पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट की भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पाल ने शुक्रवार को जोरदार जनसम्पर्क शुरू कर दिया। राधानगर रोड युवा समिति द्वारा बुलाई गई बैठक में उन्हें पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया, जिसके बाद उन्होंने रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए चार अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव को हिंदू तक की रक्षा का मुद्दा घोषित किया।
रामराज्य की बात करते हुए प्रधानमंत्री पर बल
अग्निमित्रा पाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के समय स्थापित हुआ आदर्श राज्य जिसे ‘रामराज्य’ कहा जाता है, वह एक ऐसा समाज होता है जहां सभी को सम्मान, सुरक्षा और शासन का समान लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि वे श्रीराम से प्रार्थना करती हैं कि 4 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में रामराज्य जैसी स्थिति स्थापित हो और देश में ऐसा ही आदर्श समाज व व्यवस्था बने।
योजनाओं को जनतक तक पहुंचाने का दावा
अग्निमित्रा पाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विभिन्न योजनाओं पर बल देते हुए कहा कि ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’, ‘हर घर जल’, ‘शौचालय’ जैसे कार्यक्रमों से आम जन की जिंदगी आसान हो रही है। उन्होंने बताया कि घर महिलाओं के नाम पर होंगे, शौचालय और गैस कनेक्शन जैसी सुविधाएं महिलाओं को सुरक्षा और आत्मनिर्भरता देंगी। वैश्विक स्तर पर तेल‑गैस की कीमतों में उछाल को अस्थायी बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद यही है कि हर घर तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचें और जनता को राहत मिले।
हिंदू तक की रक्षा को चुनाव का मुख्य मुद्दा बताया
अग्निमित्रा पाल ने समाज में सभी धर्म, वर्ग और विशेष रूप से महिलाओं के सम्मान को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि मजबूत और सुरक्षित समाज ही वास्तविक रामराज्य की पहचान है। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं, विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं के साथ हो रही हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि यह समस्या अब केवल बांग्लादेश तक सीमित नहीं रही है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के बांग्लादेश से सटे उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और जलपाईगुड़ी जैसे जिलों में जनसांख्यिकीय बदलाव के हवाले से इशारा करते हुए कहा कि वहां कभी हिंदू बहुसंख्यक होते थे, अब अल्पसंख्य बन गए हैं।


इसी कड़ी में उन्होंने चुनाव को पानी‑बिजली जैसे मुद्दों के लिए न बल्कि ‘हिंदुत्व की रक्षा’ के लिए लड़ा जाने वाला चुनाव बताया। उन्होंने रामनवमी की शोभा यात्रा में भी हिस्सा लिया, जहां अपने हाथों में तलवार और त्रिशूल लेकर शोभा यात्रा में निकलीं और इस दौरान उन्होंने रामराज्य जैसे समाज के निर्माण का संकल्प लिया

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