रानीगंज में वाम मोर्चा की हुंकार, मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई में ‘लाल झंडा’ को बताया एकमात्र विकल्प

रानीगंज। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रानीगंज विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में वाम मोर्चा समर्थित सीपीआई(एम) उम्मीदवार नारायण बाउरी ने श्रमिक वर्ग के अधिकारों को लेकर वामपंथ को ही एकमात्र विकल्प बताया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में मजदूरों और श्रमजीवी वर्ग के हक की रक्षा के लिए यदि कोई सड़कों पर संघर्ष कर रहा है, तो वह केवल वामपंथ ही है। रविवार को सीटू से संबद्ध वेस्ट बंगाल मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन की वार्षिक आम सभा गीर्जापाड़ा स्थित यूनियन कार्यालय में आयोजित की गई। इस सभा को संबोधित करते हुए नारायण बाउरी ने आगामी विधानसभा चुनाव में वाम मोर्चा के पक्ष में मतदान करने की अपील की। अपने संबोधन में उन्होंने राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल को चोरी, भ्रष्टाचार और समाज को बांटने वाली राजनीति से बचाने की आवश्यकता है। इसके लिए वामपंथी विचारधारा को मजबूत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वाम मोर्चा ही वह शक्ति है, जो मजदूरों, किसानों और आम जनता के हितों की सच्ची लड़ाई लड़ सकती है। सभा में संगठन के राज्य नेता सुजीत मिश्रा, जिला सचिव सुदीप बनर्जी, भैरव सूत्रधार तथा प्रकाश मंडल सहित कई प्रमुख नेताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने मेडिकल सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स के अधिकारों को लेकर जोरदार आवाज उठाई। नेताओं ने मांग की कि मेडिकल सेल्स प्रतिनिधियों को सम्मानजनक वेतन दिया जाए, आठ घंटे का कार्यदिवस सुनिश्चित किया जाए तथा दवाइयों पर जीएसटी हटाकर उनकी कीमतें कम की जाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।कार्यक्रम के दौरान यूनियन की ओर से नारायण बाउरी को सम्मानित भी किया गया। सभा के अंत में नेताओं ने सभी श्रमिकों और आम जनता से एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को मजबूत करने और आगामी चुनाव में वाम मोर्चा का समर्थन करने का आह्वान किया।

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