ईसीएल नोटिस पर पांडवेश्वर में सियासी घमासान: जितेंद्र तिवारी ने फाड़े नोटिस, तृणमूल ने बताया ‘ड्रामा

पांडवेश्वर। पश्चिम बर्दवान जिले के पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत खुटाडीह कोलियरी इलाके में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) द्वारा जारी किए गए क्वार्टर खाली करने और “सत्यापन” नोटिस को लेकर अचानक सियासी पारा चढ़ गया है। इस मुद्दे ने चुनावी माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है, जहां राजनीतिक दल आमने-सामने आ गए हैं। जानकारी के अनुसार,ईसीएल द्वारा क्षेत्र के निवासियों को क्वार्टर खाली करने और दस्तावेज सत्यापन से संबंधित नोटिस जारी किए गए थे। इसको लेकर स्थानीय लोगों में पहले से ही असंतोष व्याप्त था। इसी बीच चुनावी जनसंपर्क के दौरान भाजपा प्रत्याशी जीतेंद्र तिवारी मौके पर पहुंचे और लोगों की शिकायतें सुनने के बाद नोटिस को लेकर कड़ा विरोध जताया। स्थिति उस समय और गरमा गई जब जितेंद्र तिवारी ने मौके पर ही इन नोटिसों को फाड़ दिया। इस कदम को ईसीएल की कार्रवाई के खिलाफ उनके सख्त विरोध के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने तत्काल संबंधित कोलियरी एजेंट को फोन कर अपनी नाराजगी भी व्यक्त की और आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की जा रही है। जीतेन्द्र तिवारी ने सीधे तौर पर नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सब उनके इशारे पर हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि पहले उन प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती, जो खुद ईसीएल की जमीन पर रह रहे हैं।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थानीय निवासियों को आश्वस्त करते हुए जीतेन्द्र तिवारी ने कहा,“आप अपने घरों को लेकर बिल्कुल निश्चिंत रहें। अगर कोई जबरन हटाने आए, तो तुरंत सूचना दें—मैं खुद मौके पर पहुंचूंगा।”साथ ही उन्होंने यह भी वादा किया कि यदि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोगों को उनके क्वार्टर का वैध लीज अधिकार दिलाया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और मौजूदा विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने भाजपा पर “राजनीतिक ड्रामा” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ईसीएल एक केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम है और इस तरह के नोटिसों का विरोध तृणमूल कांग्रेस पहले भी करती रही है। नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी परिस्थिति में आम लोगों को बेघर नहीं होने देगी और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पांडवेश्वर में राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है। ईसीएल के नोटिस को लेकर अब भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प और तीखा होता नजर आ रहा है।

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