बंगाल चुनाव 2026 : ‘विचाराधीन’ मतदाताओं में से करीब 20 लाख मामलों का निपटारा, 60 लाख से अधिक नामों की जांच जारी

 

कोलकाता, 16 मार्च । पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान ‘विचाराधीन’ श्रेणी में रखे गए मतदाताओं में से अब तक करीब 20 लाख मामलों का निपटारा कर लिया गया है। यह जानकारी सोमवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल के कार्यालय की ओर से दी गई।
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार राज्य में लगभग 60 लाख से अधिक मतदाता अभी भी विचाराधीन सूची में हैं, जिनके दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया जारी है। इस काम के लिए 705 न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। आयोग चाहता है कि शेष मामलों का निपटारा भी जल्द किया जाए। बताया गया है कि अगले छह से सात दिनों के भीतर विचाराधीन मतदाताओं की पहली अतिरिक्त सूची जारी की जा सकती है।

निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान राज्य की मतदाता सूची से लगभग 63 लाख नाम हटाए गए हैं। इनमें मृत मतदाता, स्थानांतरित हो चुके लोग, लंबे समय से अनुपस्थित मतदाता तथा अन्य स्थानों पर पंजीकृत नाम शामिल हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर विचाराधीन मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है। इस प्रक्रिया में नियुक्त न्यायिक अधिकारी मतदाताओं की आपत्तियों और दावों की जांच कर रहे हैं।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार मतदाता सूची से जुड़े विवादों और शिकायतों के निपटारे के लिए एक न्यायाधिकरण का भी गठन किया जाएगा, जिसमें पूर्व मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश शामिल होंगे। साथ ही शीर्ष अदालत की पीठ ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं करेगा।

इस बीच चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि विचाराधीन सूची में शामिल 60 लाख से अधिक मतदाताओं के मामलों का निपटारा करने के लिए न्यायिक अधिकारियों को कितना समय मिलेगा। आयोग के सूत्रों के अनुसार संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में नामांकन की अंतिम तिथि तक जिन मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल हो जाएंगे, वे मतदान करने के पात्र होंगे।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है। चार मई को मतगणना है।

 

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