
रानीगंज। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रानीगंज के स्पोर्ट्स असेंबली सभागार में देवी शक्ति महिला विंग की ओर से एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज और चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली दो प्रतिष्ठित महिला स्त्री रोग विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद उपस्थित अतिथियों और वक्ताओं ने महिलाओं की भूमिका, उनके सशक्तिकरण और समाज में उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवी शक्ति महिला विंग की अध्यक्ष स्वीटी लोहिया ने कहा कि महिलाएं घर और समाज की वास्तविक शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं ही परिवार की रौनक होती हैं और उनके बिना समाज की कल्पना अधूरी है। उन्होंने कहा कि शक्ति का स्वरूप ही नारी है और जीवन को जन्म देने वाली भी नारी ही है, इसलिए समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण आवश्यक है।
इस अवसर पर कोयलांचल–शिल्पांचल क्षेत्र की प्रसिद्ध गोल्ड मेडलिस्ट स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अमृता घोष और डॉ. सुवर्णामाला भट्टाचार्य गांगुली को उत्तरीय, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) देकर सम्मानित किया गया। दोनों चिकित्सकों को चिकित्सा क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट सेवा और समाज के प्रति समर्पण के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. अमृता घोष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस जैसे अवसर महिलाओं को अपने कार्यक्षेत्र में और अधिक बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने आत्मविश्वास और क्षमता पर विश्वास रखना चाहिए, तभी वे समाज में नई ऊंचाइयों को हासिल कर सकती हैं। वहीं डॉ. सुवर्णामाला भट्टाचार्य गांगुली ने अपने संबोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस दिन का उद्देश्य केवल सफल महिलाओं का सम्मान करना ही नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग की महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे भी अपने अधिकारों और अवसरों का लाभ उठा सकें। कार्यक्रम में उदिता भूवालका ने कहा कि जैसे एक माला बनाने के लिए हजारों फूलों की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार एक महिला ही अपने परिवार, समाज और देश को खुशबू से भर सकती है। उन्होंने महिलाओं की शक्ति और उनकी संवेदनशीलता को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताया। इस अवसर पर स्नेहा पोद्दार ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के बेहतर और समृद्ध भविष्य के निर्माण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, चिकित्सा, प्रशासन, व्यवसाय और राजनीति सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान संस्था की अध्यक्ष स्वीटी लोहिया ने बताया कि सम्मानित दोनों महिला चिकित्सकों ने चर्चित अभया केस में भी महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका निभाई थी तथा अपने क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है। कार्यक्रम के अंत में चेयरपर्सन दीप्ति सराफ ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं और गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
