रानीगंज में भाजपा का जनसंपर्क अभियान तेज, विधायक अग्निमित्रा पाल ने उठाए पानी, बेरोजगारी और अवैध बालू खनन के मुद्दे

रानीगंज। राज्य में प्रस्तावित आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव प्रचार को धार देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में आसनसोल दक्षिण की भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल लगातार क्षेत्र में ‘पाड़ा-पाड़ा दीदी-भाई’ नामक जनसंपर्क अभियान चला रही हैं। इस अभियान के तहत वे विभिन्न मोहल्लों में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क स्थापित कर रही हैं, उनकी समस्याएं सुन रही हैं तथा भाजपा की नीतियों और योजनाओं की जानकारी दे रही हैं। शुक्रवार को रानीगंज के एगारा इलाके में अग्निमित्रा पाल ने व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम चलाया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों से मुलाकात की और राज्य की वर्तमान सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं के आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के लगभग हर विभाग में अनियमितताओं और घोटालों की शिकायतें सामने आ रही हैं। वही इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए अग्निमित्रा पाल ने कहा कि जनसंपर्क अभियान के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में दो प्रमुख समस्याएं सामने आ रही हैं—पीने के पानी का संकट और बेरोजगारी। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा बेरोजगारी भत्ता नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार चाहते हैं। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार युवाओं को भत्ता देकर “लॉलीपॉप” दिखा रही है, जबकि वास्तविक आवश्यकता रोजगार सृजन की है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की सरकार बनने पर युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। अवैध बालू खनन के मुद्दे पर भी उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन को घेरा। उन्होंने कहा कि बांकुड़ा जिले में दामोदर नदी से बालू निकालने का ठेका भले ही केके मिनरल्स कंपनी को मिला हो, लेकिन किसी भी कंपनी को नदी के बीच बांध बनाकर उसकी धारा मोड़ने का अधिकार नहीं है। उनके अनुसार, इस प्रकार का कार्य पूर्णतः अवैध है और इससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप तथा जलस्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध बालू खनन के कारण दामोदर नदी का अस्तित्व संकट में पड़ता जा रहा है और कई क्षेत्रों में जल संकट गहरा गया है। कालाझरिया इलाके में पाइपलाइन के पिलर के क्षतिग्रस्त होने का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह सब अवैध खनन का परिणाम है। उन्होंने रानीगंज के बल्लभपुर स्थित मेज़िया घाट श्मशान घाट का भी उल्लेख किया और कहा कि नदी की धारा मोड़े जाने के कारण दाह संस्कार के बाद अस्थियों का विसर्जन नदी की धारा में नहीं हो पा रहा है। परिणामस्वरूप अस्थियां गड्ढों में विसर्जित की जा रही हैं, जो धार्मिक परंपराओं के विपरीत है। अग्निमित्रा पाल ने प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाया। उन्होंने कहा कि क्या यह अवैध कार्य प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस को दिखाई नहीं दे रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध बालू खनन से जुड़ी गतिविधियों में स्थानीय स्तर पर सांठगांठ है और इस पर उच्च अधिकारियों को जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि यहां से अवैध रूप से निकाला गया बालू राज्य के विभिन्न क्षेत्रों, जिनमें कोलकाता का कालीघाट और शांतिनिकेतन शामिल हैं, भेजा जा रहा है। भाजपा विधायक ने अंत में क्षेत्रवासियों से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की और भरोसा दिलाया कि भाजपा की सरकार बनने पर पानी, रोजगार और अवैध खनन जैसे मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई की

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