
जामुड़िया। आसनसोल –दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत जामुड़िया थाना द्वारा थाना सभागार में “फिर से पाया जाए” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष पहल के तहत जामुड़िया पुलिस ने खोए हुए 100 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। इस मौके पर अपने खोए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ झलक रहा था। कई लोगों ने पुलिस प्रशासन के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका मोबाइल दोबारा मिल सकेगा। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोबाइल फोन आज के समय में केवल बातचीत का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। मोबाइल में बैंकिंग संबंधी जानकारियां, महत्वपूर्ण दस्तावेज, पासवर्ड, निजी तस्वीरें और कई गोपनीय सूचनाएं सुरक्षित रहती हैं। ऐसे में मोबाइल के गुम होने या चोरी हो जाने पर न केवल आर्थिक नुकसान का खतरा रहता है, बल्कि व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग की आशंका भी बढ़ जाती है। वही पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराध के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। अक्सर लोग शिकायत लेकर पुलिस के पास आते हैं और बताते हैं कि उन्होंने न तो कोई संदिग्ध लिंक खोला और न ही कोई ऑनलाइन लेनदेन किया, फिर भी वे ठगी का शिकार हो गए। पुलिस के अनुसार, कई बार अनजाने में की गई छोटी-छोटी लापरवाहियां साइबर अपराधियों को अवसर प्रदान कर देती हैं। खाली समय में इंटरनेट ब्राउज़ करते समय आने वाले अज्ञात लिंक, लुभावने ऑफर या संदिग्ध संदेशों पर बिना सोचे-समझे क्लिक करना जोखिम भरा हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की कि वे मोबाइल का उपयोग करते समय सतर्कता बरतें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक विवरण या पासवर्ड साझा न करें। मोबाइल में मजबूत पासवर्ड, स्क्रीन लॉक और अन्य सुरक्षा सुविधाओं का प्रयोग करें। साथ ही, यदि मोबाइल गुम हो जाए या साइबर ठगी का संदेह हो, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। कार्यक्रम के अंत में पुलिस ने कहा कि “फिर से पाया जाए” अभियान का उद्देश्य केवल खोई वस्तुएं लौटाना ही नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी है। वही जामुड़िया थाना की इस पहल की क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने सराहना की और भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों के आयोजन की उम्मीद जताई।
