ईसीएल के न्यू केंदा ओसीपी में बेकाबू कोयला चोरी, ईसीएल को रोजाना लाखों का नुकसान; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जामुड़िया। ईस्टर्न कोल्फील्डिंस लिमिटेड (ईसीएल) के केंदा एरिया अंतर्गत न्यू केंदा कोलियरी के न्यू केंदा ओसीपी कुवारी तीन से प्रतिदिन कोयला चोरो के द्वारा भारी मात्रा में कोयला चोरी हो रहा है। इस कोयला चोरी के कारण ईसीएल को रोजाना लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

सूत्रों के अनुसार न्यू केंदा ओसीपी के कुवारी तीन क्षेत्र में हर रात कोयला चोरी करने वालों का जमावड़ा लग जाता है। देर रात से शुरू होकर सुबह तक लगातार ओसीपी से कोयला निकाला जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि न्यू केंदा खेपडांगा, मट्टी धावड़ा, ईस्ट केंदा खटाल पाड़ा, भुइया पाड़ा, खास केंदा अर्जुन धावड़ा और नॉर्थ जामबाद सहित आसपास के इलाकों से सैकड़ों लोग प्रतिदिन हजारों बोरी कोयला चोरी कर ले जाते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, ओसीपी से चोरी किया गया कोयला साइकिल और ‘विक्की’ गाड़ियों के माध्यम से विभिन्न स्थानों तक पहुंचाया जाता है। ओसीपी से निकाले गए कोयले को 50 से 80 रुपये प्रति बोरी की दर से साइकिल एवं विक्की पार्टी को बेचा जाता है। इसके बाद यही कोयला क्षेत्र के ईंट भट्ठों में 150 से 200 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से खपाया जाता है।

जानकारी के अनुसार न्यू केंदा,चाकदोला, परसिया तथा मंगलपुर स्थित ईंट भट्ठों में बड़ी मात्रा में यह चोरी का कोयला खपाया जा रहा है। विशेष रूप से मंगलपुर रेल फाटक के पास स्थित एक ईंट भट्ठे में सबसे अधिक आपूर्ति होने की चर्चा है। सस्ते दरों पर उपलब्ध चोरी के कोयले से इन भट्ठा संचालकों को आर्थिक लाभ मिल रहा है, जबकि ईसीएल को भारी क्षति उठानी पड़ रही है।

इतने व्यापक स्तर पर कोयला चोरी के बावजूद इस पर प्रभावी रोकथाम नहीं हो पाई है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ओसीपी क्षेत्र में तैनात सीआईएसएफ और ईसीएल सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी स्थानीय लोगों द्वारा सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

मालूम हो कि कुछ दिन पहले न्यू केंदा कोलियरी के निवर्तमान सुरक्षा प्रभारी विनोद प्रसाद जब ओसीपी कुवारी तीन का निरीक्षण कर रहे थे, उसी दौरान कोयला चोरी में शामिल लोगों ने उन पर हमला कर दिया था। इस घटना में उनके साथ मारपीट की गई। घटना के बाद सुरक्षा प्रभारी ने केंदा फाड़ी में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है।

बताया जा रहा है कि कोयला चोरो का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि वे सीआईएसएफ और ईसीएल सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी में भी खुलेआम कोयला चोरी को अंजाम देते है चोरो के द्वारा राष्ट्रीय संपत्ति माने जाने वाले कोयले की इस तरह खुलेआम लूट से ईसीएल को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।

अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस कोयला चोरी पर कब तक ठोस कार्रवाई कर पाता है और इस अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाते है।

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