चुनाव घोषणा से पहले जामुड़िया में तृणमूल की चुनावी तैयारी तेज, केकेएससी ने शुरू किया दीवार अधिग्रहण व लेखन अभियान

जामुड़िया। राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही राजनीतिक दलों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। बाराबनी विधानसभा क्षेत्र में कुछ दिनों पूर्व शासक दल तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों द्वारा संभावित प्रत्याशी के रूप में आसनसोल के मेयर विधान उपाध्याय के नाम का दीवार लेखन किए जाने के बाद अब जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र में भी चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। जामुड़िया के खास केंदा इलाके में तृणमूल कांग्रेस की श्रमिक संगठन कोयला खदान श्रमिक कांग्रेस (केकेएससी) की ओर से विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए दीवार अधिग्रहण का कार्य शुरू कर दिया गया है। क्षेत्र की विभिन्न दीवारों को चिह्नित कर तृणमूल कांग्रेस के समर्थन में दीवार लेखन का काम किया जा रहा है। चुनाव की घोषणा से पहले ही इस तरह की गतिविधियों को पार्टी की ओर से शुरुआती चुनाव प्रचार अभियान के रूप में देखा जा रहा है।

लाल दुर्ग में बढ़ी सक्रियता

जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र को लंबे समय तक माकपा (सीपीएम) का गढ़ माना जाता रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में 44 वर्षों बाद माकपा को यहां हार का सामना करना पड़ा था और पहली बार तृणमूल कांग्रेस ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। श्रमिक नेता हरेराम सिंह जामुड़िया से तृणमूल कांग्रेस के विधायक चुने गए थे। अब आगामी चुनाव में अपनी बढ़त को और मजबूत करने के उद्देश्य से तृणमूल कांग्रेस ने संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव में लगभग दो माह शेष होने के कारण सभी दल जमीनी स्तर पर सक्रिय हो रहे हैं, लेकिन शासक दल ने प्रचार अभियान की शुरुआत सबसे पहले कर दी है।

नेताओं का दावा—“पिछली बार से ज्यादा बढ़त

दीवार अधिग्रहण अभियान में शामिल केकेएससी के लोअर केंदा शाखा अध्यक्ष अजिंकय सिंह और तृणमूल कांग्रेस नेता प्रदीप बाउरी ने कहा कि पार्टी इस बार पिछले चुनाव से अधिक अंतर से जीत दर्ज करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरी है। उन्होंने दावा किया कि आम जनता स्वेच्छा से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थन में मतदान करेगी और उनके नेतृत्व को और मजबूत बनाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राज्य में किए गए विकास कार्यों से जनता संतुष्ट है और तीसरी बार पुनः उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए तैयार है। उनका यह भी कहना था कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी का कोई विकल्प नहीं है।

चुनावी सरगर्मी तेज

चुनाव की आधिकारिक घोषणा से पहले ही जामुड़िया में शुरू हुई दीवार लेखन और अधिग्रहण की प्रक्रिया ने क्षेत्र में चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अन्य राजनीतिक दल किस तरह अपनी रणनीति बनाते हैं और जामुड़िया की इस महत्वपूर्ण सीट पर मुकाबला किस दिशा में जाता है।

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