
कोलकाता, 11 फ़रवरी । भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री डॉ सुकांत मजूमदार ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर पश्चिम बंगाल में रेलवे परियोजनाओं को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा रिकॉर्ड रेलवे बजट आवंटित किए जाने के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आपत्तियों और कथित जानबूझकर किए जा रहे अवरोध के कारण कई अहम रेलवे परियोजनाएं ठप पड़ी हैं।
सुकांत मजूमदार ने कहा कि बुधवार को संसद में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बार फिर इस सच्चाई को सामने रखा। रेल मंत्री ने बताया कि यूपीए सरकार के कार्यकाल (2009–2014) के दौरान पश्चिम बंगाल को रेलवे के लिए केवल चार हजार 300 करोड़ रुपये का आवंटन मिला था, जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में यह बढ़कर 14 हजार 205 करोड़ रुपये हो गया है। इससे साफ है कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में रेलवे ढांचे को मजबूत करने और विकास को गति देने को प्राथमिकता दे रही है।
सुकांत मजूमदार के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आज़ाद के एक सवाल के जवाब में रेल मंत्री ने बताया कि विभिन्न रेलवे परियोजनाओं के लिए आवश्यक चार हजार 662 हेक्टेयर भूमि में से अब तक केवल 57 प्रतिशत भूमि का ही अधिग्रहण हो पाया है। कई परियोजनाओं में तो राज्य सरकार के असहयोग के कारण भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू भी नहीं हो सकी है। इसका नतीजा यह है कि पर्याप्त केंद्रीय फंड होने के बावजूद परियोजनाओं का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
भाजपा नेता ने स्पष्ट रूप से कहा कि समस्या केंद्रीय धन की नहीं है, बल्कि प्रशासनिक सहयोग की कमी की है। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य के विकास के मामले में इस तरह की राजनीति आखिर कब तक चलती रहेगी।
