
अलीपुरद्वार, 08 फरवरी । जिले के जयंती स्थित भूटान सीमा से सटे प्रसिद्ध जयंती महाकाल मंदिर में हर वर्ष शिवचतुर्दशी के दिन लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इस वर्ष भी भारी संख्या में भक्तों के आने की संभावना है। इसे लेकर पूजा की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई है।
विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों और भंडारा कमेटियों ने अपने स्तर पर जयंती नदी के ऊपर अस्थायी सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से मंदिर तक पहुंच सकें।
हालांकि अब तक जिला और प्रखंड प्रशासन की सक्रिय भूमिका कहीं नजर नहीं आ रही है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि इस बार प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कोई ठोस पहल होगी या नहीं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस और सिविल डिफेंस कर्मियों की तैनाती की तैयारियां जरूर शुरू कर दी गई हैं।
महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए जयंती नदी के ऊपर अस्थायी सड़क और पुल का निर्माण बेहद जरूरी है, जो अब तक पूरा नहीं हो पाया है।
इस संबंध में कालचिनी पंचायत समिति के अध्यक्ष साधो लोहार ने बताया कि मंदिर तक पहुंचने के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण कार्य दो-एक दिन के भीतर शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों को भी हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
