
कोलकाता : अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के केंद्रीय कार्यालय सभागार में 5 जनवरी 2026 को राजनीतिक चेतना उपसमिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राजनीतिक चेतना उपसमिति के चेयरमैन डॉ. सावर धनानिया ने की। डॉ. धनानिया ने सभी उपस्थित महानुभावों का स्वागत किया। उपसमिति के संयोजक श्री अरुण प्रकाश मल्लावत ने बैठक की शुरुआत की एवं सभी सदस्यों का परिचय दिया।
राजनीतिक चेतना उपसमिति के चेयनमैन डॉ. सावर धनानिया ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को इस उपसमिति के गठन हेतु धन्यवाद दिया और कहा कि इस उप-समिति का उद्देश्य किसी दल या राजनीति से जुड़ना नहीं, बल्कि नागरिक जागरूकता और संवैधानिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। हमारा संगठन एक पंजीकृत राष्ट्रीय संस्था है, इसलिए हमारी भूमिका संविधान की मर्यादा में रहकर, संतुलित और गैर-पक्षपातपूर्ण ढंग से कार्य करने की है।मारवाड़ी समाज ने देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में बड़ा योगदान दिया है, पर नीतिगत विमर्श और शासन-प्रक्रिया में हमारी संगठित भागीदारी सीमित रही है। इस कमी को दूर करना ही इस समिति का उद्देश्य है। यह समिति जागरूकता बढ़ाएगी, दिशा-निर्देश नहीं देगी; समझ विकसित करेगी, समर्थन नहीं; और सहभागिता बढ़ाएगी, ध्रुवीकरण नहीं। हमारा कार्य संविधानसम्मत, तथ्य-आधारित और रचनात्मक सुझावों तक सीमित रहेगा, विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं में नागरिक चेतना के विकास पर। हमें दीर्घकालिक दृष्टि के साथ सामूहिक हित को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ना है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पवन कुमार गोयनका (जूम) ने कहा कि इस समिति को बनाने का उद्देश्य आज धरातल पर दिख रहा है। यह समिति बहुत बड़ी समिति है, इसके उद्देश्य भी बहुत बड़े है। मेरा सुझाव है कि हमें इसमें हर प्रांतो को जोड़ना चाहिए। साथ ही हमें महिलाओं को भी जागरुक करना चाहिए। उनको भी जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे प्रत्येक प्रांतो से बात कर प्रत्येक प्रांत से इस विषय पर एक पर्यवेक्षक नियुक्त करने की बात कही।
राष्ट्रीय महामंत्री श्री केदारनाथ गुप्ता ने कहा कि सबसे पहले राजनीति अपने घर से होती है। राजनीति का मतलब ‘राज करने की नीति’। हमें जागरुक होना जरुरी है। चेतना का मतलब विवेक धारण करना है। सभी के लिए कानून है। हमें चेतना का अग्रसर करना जरुरी है।
बैठक में निवर्तमान राष्ट्रीय महामंत्री श्री कैलाशपति तोदी, राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री श्री पवन कुमार बंसल, राजनीतिक चेतना उपसमिति के सदस्यगण श्री अरुण गाड़ोदिया, श्री नंदलाल सिंघानिया, श्री कमल नोपानी (जूम) ने भी अपने विचार रखे। अंत में राजनीतिक चेतना उपसमिति के संयोजक श्री अरुण प्रकाश मल्लावत ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
