
कोलकाता, 29 जनवरी । देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले उद्योग और एमएसएमई सेक्टर को आगामी केंद्रीय बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। यह क्षेत्र न केवल करोड़ों लोगों को रोजगार देता है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की नींव भी है। यह मानना है विप्र चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के निदेशक अमित शर्मा का। शर्मा का विचार है कि एमएसएमई को सस्ता व आसान ऋण मिले, ताकि छोटे उद्यम बिना डर के अपना व्यवसाय बढ़ा सकें। बैंकों की प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए और क्रेडिट गारंटी योजनाओं का दायरा बढ़े। इतना ही नहीं, कर (टैक्स) संरचना को सरल और व्यावहारिक बनाया जाए, ताकि छोटे उद्योग अनावश्यक जटिलताओं से मुक्त होकर केवल उत्पादन और रोजगार पर ध्यान दे सकें।
कच्चे माल की बढ़ती लागत को नियंत्रित करने के लिए आयात शुल्क में युक्तिसंगत सुधार और घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जाए।
डिजिटल भुगतान, ई-इनवॉयसिंग और जीएसटी रिफंड प्रक्रिया को तेज और सरल बनाया जाए, जिससे कार्यशील पूंजी पर दबाव कम हो। महिला और युवा उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज लाकर नए उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए। उनका कहना है कि मुझे विश्वास है कि यह बजट उद्योगों को नई ऊर्जा देगा और भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
