राज्य बजट के घोषणा से दामोदर नदी पर स्थायी पुल की उम्मीद जगी, बर्नपुर-बांकुड़ा को जोड़ने वाली परियोजना बन सकती है विकास की नई धुरी

दो दशक पुरानी मांग को मिल सकती है मंजूरी, हजारों लोगों की आवाजाही और रोजगार को मिलेगा नया आधार

आसनसोल । पश्चिम बंगाल के औद्योगिक नगर बर्नपुर और बांकुड़ा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के बीच संपर्क को मजबूत करने की लंबे समय से चली आ रही मांग एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। राज्य बजट में दामोदर नदी पर एक स्थायी पुल निर्माण परियोजना की घोषणा होने की उम्मीदों ने क्षेत्रवासियों के बीच नई आशा जगा दी है। यदि यह परियोजना साकार होती है, तो यह न केवल पश्चिम बर्दवान और बांकुड़ा के बीच आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन विकास को भी नई दिशा देगी। वर्तमान में बर्नपुर और बांकुड़ा के बिहारिनाथ क्षेत्र के बीच संपर्क का मुख्य साधन लगभग 800 मीटर लंबा अस्थायी पुल है, जो बांस और लकड़ी की सहायता से तैयार किया गया है। यह पुल वर्ष के अधिकांश समय लोगों की आवाजाही का प्रमुख माध्यम बना रहता है, लेकिन मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने पर इसे बंद करना पड़ता है। इसके कारण हजारों लोगों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

रोजगार और आजीविका से जुड़ा है पुल का महत्व

स्थानीय लोगों के अनुसार प्रतिदिन हजारों प्रवासी मजदूर, सब्जी विक्रेता, मछली कारोबारी तथा छोटे व्यवसायी इसी मार्ग का उपयोग कर बर्नपुर, आसनसोल और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचते हैं। अनुमान है कि 20 हजार से अधिक लोगों की आजीविका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस संपर्क मार्ग पर निर्भर है। ऐसे में एक स्थायी पुल का निर्माण क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान कर सकता है।

डबल इंजन सरकार ने दिए सकारात्मक संकेत

दुर्गापुर में आयोजित प्री-बजट बैठक के दौरान राज्य के वित्त मंत्री डॉ. स्वपन दासगुप्ता तथा शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि राज्य में डबल इंजन सरकार होने के कारण विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है और बर्नपुर-बांकुड़ा को जोड़ने वाले स्थायी पुल का निर्माण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि यह पुल केवल एक संपर्क माध्यम नहीं होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास का आधार बनेगा। पुल बनने से औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और दोनों जिलों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

धार्मिक पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

बिहारिनाथ पहाड़ी पश्चिम बंगाल के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में से एक मानी जाती है। विशेषकर श्रावण मास के दौरान हजारों श्रद्धालु यहां स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं। सोमवार के दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और भी अधिक रहती है। वर्तमान में अधिकांश श्रद्धालु इसी अस्थायी पुल का उपयोग करते हैं। स्थायी पुल के निर्माण से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की संभावना है, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी लाभ होगा।

20 वर्षों से लंबित है मांग

दामोदर नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मांग कोई नई नहीं है। लगभग दो दशक पहले तत्कालीन केंद्रीय इस्पात मंत्री रामविलास पासवान ने इस परियोजना की घोषणा की थी, लेकिन विभिन्न कारणों से यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। बाद में तत्कालीन राज्य सरकार के कार्यकाल में लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रारंभिक सर्वेक्षण भी कराया गया था, किंतु परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई।
अब क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और स्थानीय संगठन इस परियोजना को जल्द मंजूरी दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। विधायक चंदना बाउरी तथा मंत्री अग्निमित्रा पॉल लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं और इसे क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बता रहे हैं।

औद्योगिक और क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रस्तावित पुल के निर्माण से बांकुड़ा और पुरुलिया के विभिन्न क्षेत्रों को आसनसोल-बर्नपुर के औद्योगिक क्षेत्र से सीधे जोड़ने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही जंगल सुंदरी कर्मनगरी जैसी विकास परियोजनाओं को भी बेहतर संपर्क सुविधा प्राप्त होगी। इससे निवेश, परिवहन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। स्थानीय उद्योग जगत और व्यापारिक संगठनों का भी मानना है कि यदि यह परियोजना स्वीकृत होकर समयबद्ध तरीके से पूरी होती है, तो यह पूरे राढ़ बंगाल क्षेत्र के आर्थिक परिदृश्य को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें राज्य बजट पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित यह महत्वपूर्ण मांग इस बार स्वीकृति प्राप्त करेगी और दामोदर नदी पर स्थायी पुल का सपना आखिरकार साकार होने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

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