
कोलकाता। दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) में एक गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है, जहां मृत पेंशनधारियों को भी पेंशन का भुगतान किया जा रहा था। इस घोटाले में अब तक 35 करोड़ रुपये की राशि डीवीसी के खजाने में वापस लाई जा चुकी है।
इस महत्वपूर्ण खुलासे का श्रेय डीवीसी पेंशनर्स समाज के केंद्रीय अध्यक्ष ए. के. जैन को जाता है। उन्होंने बताया कि डीवीसी द्वारा 1207 ऐसे पेंशनधारियों को पेंशन का भुगतान किया गया, जिनका पहले ही निधन हो चुका था। पेंशनर्स समाज की ओर से शिकायत दर्ज कराने के बाद यह मामला उजागर हुआ।
जैन ने इसे गंभीर अपराध करार देते हुए कहा कि इसमें डीवीसी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच विजिलेंस विभाग द्वारा की जा रही है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट जारी होने की संभावना है।
उन्होंने आगे बताया कि 19 जनवरी को कोलकाता में डीवीसी चेयरमैन एस. सुरेश कुमार के साथ हुई बैठक में मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि की कि मृत पेंशनधारियों के खातों में जमा 35 करोड़ रुपये की राशि सफलतापूर्वक वापस प्राप्त कर ली गई है।
