बड़ाबाजार लाइब्रेरी के 126वें स्थापना दिवस पर ‘चतुर्वेणी’ संगम: साहित्य, संस्कार, शौर्य और मेधा का भव्य समागम

 

कोलकाता: 25 जनवरी । महानगर की प्राचीनतम ऐतिहासिक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ‘बड़ाबाजार लाइब्रेरी’ का 126वाँ स्थापना दिवस अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। वसंत पंचमी, महाप्राण सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ की जयंती एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पावन जयंती (पराक्रम दिवस) के उपलक्ष्य में आयोजित इस ‘चतुर्वेणी कार्यक्रम’ ने साहित्य, राष्ट्रभक्ति और मेधा का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। आचार्य विष्णुकान्त शास्त्री सभागार में आयोजित इस समारोह का शुभारंभ श्रीमती हिमाद्रि मिश्रा की सुमधुर सरस्वती वंदना से हुआ।

अतिथियों का स्वागत एवं गौरवमयी इतिहास का स्मरण:
समारोह के मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक एवं निदेशक सिविल डिफेन्स (पश्चिम बंगाल) श्री जगमोहन जी एवं अध्यक्षता कर रहे ‘वर्तमान पत्रिका हिन्दी’ के यशस्वी संपादक श्री रवि शंकर सिंह जी को पुष्पमाला, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच पर उपस्थित महानगर के प्रतिष्ठित आमंत्रित कवियों का स्वागत श्री नारायण अग्रवाल, श्री विराट शर्मा, श्रीमती कुसुम लुंडिया, श्री नंदकुमार लड्ढा, श्री चंद्रकुमार जैन, श्री विष्णु वर्मा एवं श्री अरुण मल्लावत द्वारा किया गया।

संस्था के महामंत्री श्री अशोक कुमार गुप्ता ने अपने स्वागत भाषण में लाइब्रेरी के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित करते हुए उन पूर्वजों और साहित्यकारों का पुण्य स्मरण किया, जिनके अथक परिश्रम से यह वटवृक्ष फलीभूत हुआ है। उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी के उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से अब तक 2500 से अधिक विद्यार्थी सी.ए., आई.सी.एम.ए. और सी.एस. जैसी परीक्षाओं में सफल होकर प्रतिष्ठित पदों पर आसीन हैं।
एकलव्य सम्मान’ एवं मेधा का अभिनंदन:
पुस्तकालय की परंपरा के अनुसार, इस वर्ष भी 4 प्रतिभावान विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि श्री जगमोहन जी के कर-कमलों द्वारा ‘बड़ाबाजार लाइब्रेरी एकलव्य सम्मान’ से विभूषित किया गया। इस सत्र का कुशल संचालन श्री हरिराम अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर पुस्तकालय के प्रति समर्पित सेवा का सम्मान करते हुए, विगत 45 वर्षों से सेवारत कर्मचारी श्री रामचंद्र सिंह को उनकी सेवानिवृत्ति पर शाल ओढ़ाकर एवं सम्मान राशि भेंट कर भावभीनी विदाई दी गई।
कवि सम्मेलन :
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कवि सम्मेलन रहा, जिसका कुशल एवं प्रभावी संचालन महानगर के सुप्रसिद्ध कवि डॉ. गिरिधर राय ने किया। डॉ. राय ने अपने सधे हुए संचालन और मर्मस्पर्शी काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को अंत तक बांधे रखा। काव्य गोष्ठी में श्री राजेन्द्र कुमार द्विवेदी, श्री नंदलाल ‘रोशन’, श्रीमती हिमाद्रि मिश्रा, श्री रमाकांत सिन्हा एवं डॉ. राय ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से श्रोताओं को रससिक्त किया।
मुख्य अतिथि का आह्वान:
मुख्य अतिथि श्री जगमोहन जी ने अपने संबोधन में लाइब्रेरी की बहुआयामी गतिविधियों की मुक्तकंठ से सराहना की और उपस्थित जनसमूह से ईमानदारी और राष्ट्रीय भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में श्री रवि शंकर सिंह ने भविष्य में संस्था को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
विशिष्ट उपस्थिति:
समारोह में जनाब शमीम अनवर खान, श्री इरफान अली ताज, श्री पवन कुमार ढेलिया, श्री बालकृष्ण लुंडिया, श्री विजय कुमार पाण्डेय, श्री गणेश शर्मा, श्री लक्ष्मी शंकर पाण्डेय, श्री के एन मिश्रा, श्री आर के राय, आनंद कुमार झा, श्रीमती माया राय एवं श्री शंभू कुमार सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में लाइब्रेरी के अध्यक्ष श्री जयगोपाल गुप्ता, श्री महावीर प्रसाद अग्रवाल, सन्तोष सराफ, मोनू मोर, सुनील मोर, विराट शर्मा एवं सूर्य प्रकाश शाह ने सक्रिय भूमिका निभायी।

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