
आसनसोल। सिर्फ ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ ही नहीं, ‘अनमैप्ड’ मतदाताओं की सूची भी होगी जारी, आयोग ने विज्ञप्ति जारी कर तारीख बताई,निर्वाचन आयोग सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में नो-मैपिंग (या अनमैप्ड) मतदाताओं की संख्या 31 लाख 68 हजार 426 है। वहीं 94 लाख 49 हजार 132 मतदाताओं के नामों में लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी (तथ्यगत असंगति) पाई गई है। बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति में आयोग ने बताया कि वह दोनों सूचियां प्रकाशित करेगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए निर्वाचन आयोग लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी की सूची प्रकाशित करेगा। हालांकि शीर्ष अदालत ने आदेश नहीं दिया था, फिर भी ‘अनमैप्ड’ मतदाताओं की सूची भी जारी की जा रही है। बुधवार की नई विज्ञप्ति में आयोग ने यह जानकारी दी। साथ ही एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर विरोध-प्रदर्शन के दौरान यदि कोई कानून हाथ में लेता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
आयोग सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में नो-मैपिंग (या अनमैप्ड) मतदाताओं की संख्या 31 लाख 68 हजार 426 है, जबकि 94 लाख 49 हजार 132 मतदाताओं में लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी पाई गई है। बुधवार को जारी विज्ञप्ति में आयोग ने बताया कि आगामी 25 जनवरी को दोनों सूचियां सार्वजनिक की जाएंगी। ये सभी सूचियां जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन अधिकारी और ईआरओ (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) के पास उपलब्ध हैं। 25 जनवरी से मतदाता अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से भी अपने दस्तावेज या आपत्ति से संबंधित जानकारी जमा कर सकेंगे। इसके अलावा, सुनवाई के समय माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण प्रमाणपत्र के साथ-साथ माध्यमिक का एडमिट कार्ड भी स्वीकार किया जाएगा। दूसरी ओर, एसआईआर सुनवाई के दौरान विभिन्न स्थानों पर अव्यवस्था और अशांति की घटनाओं को लेकर इस बार आयोग ने कड़ा संदेश दिया है। देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल के सभी नागरिकों को आश्वस्त किया है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस तरह की घटनाओं के मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि एसआईआर का काम सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रत्येक जिला कलेक्टर या पुलिस अधीक्षक को पर्याप्त कर्मी और बल तैनात करना होगा। राज्य पुलिस के डीजी, कोलकाता के पुलिस आयुक्त से लेकर प्रत्येक जिले के पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि कहीं भी कानून-व्यवस्था की समस्या न हो और एसआईआर से संबंधित कार्य सुचारू रूप से पूरा हो, इस पर विशेष नजर रखी जाए।
