पश्चिम बंगाल में मज़दूरों की आवाज़ बुलंद, NFITU मंच से गूंजा मानवाधिकार का संदेश

आसनसोल। मज़दूरों के अधिकार, सम्मान और न्याय को केंद्र में रखते हुए नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (NFITU) की ओर से पश्चिम बंगाल में एक प्रभावशाली और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मज़दूरों की समस्याओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह आयोजन NFITU के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय डॉ. दीपक जायसवाल जी के आदेश, मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का नेतृत्व NFITU पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष श्री बुम्बा मुखर्जी जी ने किया, जिनके आह्वान पर बड़ी संख्या में मज़दूर साथी एकजुट होकर पहुँचे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे,माननीय श्री प्रियंक कानूंगो जी, सदस्य-राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, भारत सरकार। अपने सशक्त संबोधन में श्री प्रियंक कानूंगो जी ने कहा कि“मज़दूरों की सुरक्षा, उनका सम्मान और उनके अधिकार कोई कृपा नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त मूल अधिकार हैं। इन अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष और मज़बूत मंच बेहद ज़रूरी है।”उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मज़दूरों के मानवाधिकारों की रक्षा और उनकी आवाज़ को उचित मंच दिलाने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग हर संभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है, और इस दिशा में NFITU की भूमिका अत्यंत सराहनीय है। कार्यक्रम के दौरान मज़दूरों ने न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, कार्यस्थल पर सम्मान, दुर्घटना बीमा और स्थायी रोजगार जैसे अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। NFITU नेतृत्व ने आश्वासन दिया कि इन सभी मांगों को उचित मंचों तक मजबूती से रखा जाएगा। यह आयोजन न केवल मज़दूरों के अधिकारों की आवाज़ बना, बल्कि एकजुटता, संघर्ष और संवैधानिक मूल्यों का सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया।

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