हम भारत भव्य बनायेंगे, हिन्दू राष्ट्र बनायेंगे..

गंगासागर में तीर्थयात्रियों का मार्गदर्शन ।

कोलकाता । श्री गोवर्धनमठ पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती महाराज का गंगासागर के अवसर पर सत्संग भवन, कोलकाता पधारने पर पुरी गौशाला के अध्यक्ष मूलचंद राठी, आदित्य वाहिनी के राज्य अध्यक्ष देवाशीष गोस्वामी, पिंकी गोस्वामी, धर्मानुरागी, समाजसेवी पण्डित लक्ष्मीकांत तिवारी, प्रेमचन्द्र झा, विनय दुबे, निभा प्रकाश, महेश आचार्य, राजकुमार मुंधड़ा, मालचंद चांडक, धनेश रांधड़, गोकरण शोरेवाल, डॉ. अशोक पोद्दार, अशोक कंदोई, सत्यनारायण बाहेती, मनोज सरावगी, सुबेश उपाध्याय, नीलम झा, उषा गुप्ता एवम् श्रद्धालु भक्तों ने किया । कोलकाता प्रवास में सत्संग भवन में धर्मसभा में  शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने हम भारत भव्य बनायेंगे, हिन्दू राष्ट्र बनायेंगे… राष्ट्रोत्कर्ष अभियान एवम् भारत हिन्दू राष्ट्र पर जिज्ञासा के उत्तर में कहा धर्मनिरपेक्ष एक शब्द है, कोई भी व्यक्ति जन्म से धर्मनिरपेक्ष नहीं होता । भारत में हिंदुओं के अधिकार, सुरक्षा पर कहा धर्मनिरपेक्ष का अर्थ है सभी धर्मों को समान मानना, सभी नागरिकों को अपनी धार्मिक आस्था की स्वतंत्रता देना । वैदिक सनातन हिन्दू धर्म भारत का प्राचीन धर्म है, बहुसंख्यक नागरिकों की आस्था है । भारतीय नागरिकों के पूर्वज हिन्दू थे । व्यक्ति को अपना धर्म चुनने, उसका पालन करने और प्रचार करने की आजादी है । भारत में धर्म के आधार पर कोई भेदभाव – राजनीति नहीं होनी चाहिये, तुष्टिकरण की नीति भारत के हित में नहीं है । प्रदीप बागड़ी, मुकेश चतुर्वेदी, श्याम अग्रवाल, गोपा चटर्जी, रमेश आसोपा, राजकुमार तेनानी, मेघनाथ साव, अशोक शर्मा, राजेश बिनानी, नवीन शर्मा, राजू शर्मा, अभय पाण्डेय एवम् पीठ परिषद, आदित्य वाहिनी, आनंद वाहिनी के कार्यकर्ता सक्रिय हैं ।

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