

कोलकाता, 2 जनवरी (शंकर जालान) । श्री शाकंभरी सेवा समिति (गणेश गढ़) के तीन दिवसीय 43वें महोत्सव की शुरुआत शुक्रवार को हो गई। महोत्सव के पहले दिन धूमधाम से माता शाकंभरी की शोभायात्रा निकाली गई। विधिवत पूजन-अर्चना और आरती के पश्चात शाकंभरी मंदिर (गणेश गढ़) से शोभायात्रा की रवाना हुई, जो रवींद्र सरणी, नीमतल्ला घाट स्ट्रीट, जोड़ा बागान, माला पाड़ा, कलाकार स्ट्रीट, सत्यनारायण पार्क, महात्मा गांधी रोड और मछुआ बाजार के निकट से होती हुई वापस रवींद्र सरणी स्थित मंदिर पहुंची, जहां महाआरती के साथ शोभायात्रा को विराम दिया गया। सेवा समिति द्वारा जारी एक प्रेस बयान में यह जानकारी देते हुए बताया कि भव्य रूप से सजे रथ पर मैया कि दिव्य तस्वीर को विराजमान किया गया था। ध्वजा लिए दर्जनों महिलाएं और भजन मंडली ने शोभायात्रा की शोभा बढ़ाई। मालूम हो कि सेवा समिति के कर्णधार कमल लखोटिया का बीते दिनों निधन हो गया था, इसलिए शोभायात्रा का प्रारुप लघु किया गया था। शनिवार (3 जनवरी 2026) को दोपहर दो बजे से शाकंभरी पूर्णिमा के मौके पर गणेश गढ़ स्थित मंदिर प्रांगण में नाना प्रकार के धार्मिक आयोजन होंगे और रविवार (4 जनवरी) को एजेस बैंक्वेट (रवींद्र सरणी, पांच तल्ले) में दिन के सवा बारह बजे से अलौकिक श्रृंगार, अखंड ज्योत, छप्पन भोग के समक्ष संगीतमय भजन-कीर्तन और शाकंभरी मंगलपाठ होगा। खुला भंडारा और महाआरती के साथ तीन दिवसीय आयोजन को विराम दिया जाएगा।

