
दुर्गापुर। लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद और प्रशासनिक अड़चनों के बाद आखिरकार दुर्गापुर के राजबांध इलाके में भारत के दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अर्धकाय प्रतिमा स्थापित कर दी गई। गुरुवार शाम प्रतिमा का अनावरण पश्चिम बर्धमान जिला भाजपा के सह-उपाध्यक्ष चंद्रशेखर बंद्योपाध्याय ने किया। इस मौके पर दुर्गापुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र सहित पश्चिम बर्धमान जिले के भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
25 दिसंबर अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार सुबह से ही राजबांध में प्रतिमा स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की थी। आरोप है कि उस समय पुलिस ने कार्य में बाधा दी, जिसके विरोध में भाजपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए थे। भाजपा का दावा है कि 2011 से पहले उस स्थान पर उनका पार्टी कार्यालय था, जिसे राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार आने के बाद तोड़ दिया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी कार्यालय बनाने के बजाय उन्होंने वहां अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाने का निर्णय लिया था, लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसी दौरान जमीन को लेकर विवाद बढ़ा और बिजली विभाग ने भी इलाके को घेर लिया। बाद में भाजपा की लिखित शिकायत के आधार पर बिजली विभाग ने जमीन की माप कर अपनी सीमा चिन्हित की और शेष हिस्सा छोड़ दिया। जांच में सामने आया कि बाकी जमीन निजी स्वामित्व की है। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमीन मालिकों से बातचीत कर उनकी अनुमति ली, जिसके बाद प्रतिमा स्थापित करने का काम शुरू हुआ और गुरुवार को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। प्रतिमा अनावरण के बाद भाजपा नेता चंद्रशेखर बंद्योपाध्याय ने कहा कि भविष्य में भाजपा की सरकार बनने पर राजबांध बस स्टैंड से स्टेशन तक की सड़क का नाम “अटल सरणी” रखा जाएगा। साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के पास डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। इस मौके पर उन्होंने दुर्गापुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के विधायक और राज्य के पंचायत मंत्री प्रदीप मजूमदार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में बालू, मोरम, मिट्टी और लकड़ी की चोरी खुलेआम हो रही है और इसके पीछे सत्ताधारी दल का हाथ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि माफियाओं को संरक्षण देकर भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश की जा रही है। भाजपा नेता ने तंज कसते हुए कहा कि अब इलाके के माफिया और तृणमूल नेता जब भी घर से बाहर निकलेंगे और लौटेंगे, उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा को प्रणाम कर ही गुजरना होगा।
