
रानीगंज। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अमरनाथ केसरी का बुधवार देर रात करीब 2 बजे राजबांध स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे 87 वर्ष के थे और पिछले कई दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। आसनसोल–दुर्गापुर शिल्पांचल में भाजपा की मजबूत पहचान रहे अमरनाथ केसरी के निधन से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गहरा शोक व्याप्त है। हाल ही में भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा उनके रानीगंज स्थित आवास पर पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले चुके थे। अमरनाथ केसरी को एक सिद्धांतवादी और जमीनी कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता था। उन्होंने जीवनभर भाजपा की विचारधारा से कभी समझौता नहीं किया और दल-बदल की राजनीति से दूर रहे। पार्टी द्वारा सौंपी गई हर जिम्मेदारी को उन्होंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाया. वे समय-समय पर आसनसोल लोकसभा और रानीगंज विधानसभा से भाजपा उम्मीदवार रहे. इसके साथ पार्टी निर्देश पर उन्होंने नगर पालिका चुनाव भी लड़ा और विभिन्न संगठनात्मक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। उन्होंने केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार और राज्य की सीपीआईएम सरकार—दोनों के खिलाफ समानांतर संघर्ष किया। उनके राजनीतिक कद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई अपने कार्यकाल के दौरान उनके रानीगंज स्थित आवास पर पहुंचे थे।

अमरनाथ केसरी अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन पर भाजपा के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
इस संबंध में अमरनाथ केसरी पुत्र अजीत केसरी ने बताया कि शुक्रवार को उनके आवास से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जिसके बाद मेजिया घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
