सुख-शान्ति, कार्य में निर्विघ्नता और सफलता के लिए प्रार्थना करें — स्वामी त्रिभुवनपुरी

हावड़ा । भागवताचार्य स्वामी त्रिभुवनपुरी महाराज के सानिध्य में सेठ बंशीधर जालान स्मृति मन्दिर में श्रीमद्भागवत कथा में पधारे श्रीराम कथा के विद्वान वाचक राजन महाराज ने श्रोताओं को भाव विभोर करते हुए कहा रामचरितमानस में भरत का चरित्र महान भक्त, आदर्श भाई का है । भरत चरित्र का श्रवण करने से पुण्य अर्जित होता है, श्रीराम के प्रति भक्ति जागृत होती है । उन्होंने भक्तिमय वातावरण में कहा धर्माचरण मोक्ष का सरल मार्ग है । स्वामी त्रिभुवनपुरी महाराज ने कहा धार्मिक अनुष्ठान के शुभारम्भ में गुरु वंदना, इष्टदेव – देवी वंदना और श्रीगणेश वंदना मंगलाचरण में की जाती है । ईश्वर से सुख-शान्ति, कार्य में निर्विघ्नता और सफलता के लिए प्रार्थना कर कार्य की शुरुआत की जाती है । परीक्षित एवम् शुकदेवजी के आगमन तथा ध्रुव चरित्र एवम् विविध प्रसंग की कथा सुनाकर भाव विभोर किया । संदीप पोद्दार, धीरेन अग्रवाल, अनूप तोदी, विनोद सुरेका, विजय सिंह, दीपक गुप्ता, राजेश डालमिया, राकेश ओझा, रितेश केजरीवाल, राकेश सिंघानिया, मनोज अग्रवाल, दिलीप कानोड़िया, दीपक नोपानी, अरुण गोयल, पंचानंद ओझा, संजय बुराकिया, राजू खरकिया एवम् श्रद्धालु भक्तों ने व्यास पीठ का पूजन किया ।

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