कोलकाता, 15 जून । पश्चिम बंगाल में आगामी सात जुलाई को आसन्न पंचायत चुनाव के लिए चल रहे नामांकन के आखिरी दिन गुरुवार को भी एक बार फिर विपक्ष ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। नई लगाई गई याचिका में दावा किया गया है कि केवल छह दिनों के नामांकन के दौरान हर रोज राज्य भर में हिंसा हुई और विपक्ष के कार्यकर्ताओं को मारा पीटा गया। पुलिस मूकदर्शक बनी रही। इसलिए चुनाव की सुरक्षा किसी भी हाल में राज्य पुलिस के भरोसे नहीं छोड़ी जाए। विपक्ष का यह भी आरोप है कि उत्तर और दक्षिण 24 परगना में तृणमूल के अलावा विपक्ष के किसी भी दूसरी पार्टी के उम्मीदवार को नामांकन दाखिल नहीं करने दिया जा रहा है। गुरुवार को लगाई गई याचिका में भाजपा और आईएसएएफ के साथ माकपा भी शामिल है। गत मंगलवार को नामांकन दाखिल करने को लेकर दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना के कई हिस्सों में बमबारी और गोलीबारी हुई थी। भांगड़ में तो इतनी हिंसा और बमबारी हुई कि पुलिस की सक्रियता और इंटेलिजेंस व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। बसीरहाट, कैनिंग, संदेशखाली में भी नामांकन को केंद्र कर जमकर हिंसा बुधवार को हुई। शाम के समय आईएसएफ के विधायक नौशाद सिद्दीकी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने के लिए राज्य सचिवालय जा पहुंचे थे लेकिन सीएम ने समय नहीं दिया। इधर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य चुनाव आयोग के दफ्तर के पास विरोध प्रदर्शन करने के बाद वहां इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद गुरुवार जैसे ही कोर्ट खुला, तीनों ही पार्टियों ने न्यायमूर्ति राज शेखर मंथा की एकल पीठ में याचिका लगाकर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।
