कोलकाता । पश्चिम बंगाल में शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार उजागर होने से सबक लेते हुए राज्य शिक्षा विभाग में महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब समग्र शिक्षा मिशन के लिए आवंटित होने वाले धन को एक ही अकाउंट से खर्च किया जाएगा। इसके लिए एक निर्दिष्ट पद्धति भी तय की जाएगी। मंगलवार को इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है। पहले शिक्षक नियुक्ति से लेकर स्कूलों के विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, बच्चों के बीच आवश्यक सामग्रियों के वितरण आदि के लिए अलग-अलग अकाउंट का प्रावधान रहा है लेकिन अब शिक्षा विभाग के लिए आवंटित होने वाले धन का खर्च एक ही अकाउंट से खर्च किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे शिक्षा विभाग में मौजूदा भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकता है। शिक्षक नियुक्ति धांधली मामले में पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी के बाद यह राज्य सरकार का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बंगाल शिक्षक और शिक्षा कर्मी समिति के महासचिव स्वप्न मंडल ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले ही इस तरह के आदेश दिए थे लेकिन पश्चिम बंगाल में इसका क्रियान्वयन नहीं हुआ था। अब जबकि पार्थ चटर्जी गिरफ्तार हुए हैं तो राज्य सरकार अपना चेहरा बचाने के लिए ऐसा कर रही है पर हकीकत यह है कि वित्तीय आवंटन का हिसाब किताब और ऑडिट भी पश्चिम बंगाल सरकार ठीक से नहीं कराती जिसकी वजह से वित्तीय हेरफेर को बल मिलता है।
