
दुर्गापुर। दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सेवा के उद्देश्य से भोजपुरी मंच, दुर्गापुर की ओर से पांच दिवसीय राहत सेवा शिविर शुरू किया गया। शनिवार को शिविर का उद्घाटन हुआ। इस पहल के माध्यम से दुर्गापूजा घूमने निकलने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के साथ लड्डू और बताशा देकर उनका स्वागत किया जा रहा है। मंच की इस पहल का उद्देश्य त्योहार के दौरान लोगों को राहत पहुंचाने के साथ सेवा, सहयोग और सामाजिक सद्भाव की भावना को मजबूत करना है। भोजपुरी मंच की ओर से आयोजित इस सेवा शिविर में दुर्गापूजा दर्शन के लिए निकलने वाले लोगों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। त्योहार के दौरान पंडालों में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग घरों से निकलते हैं। ऐसे में रास्ते में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना और श्रद्धालुओं का पारंपरिक तरीके से स्वागत करना सेवा का महत्वपूर्ण कार्य है। इसी सोच के साथ मंच ने पांच दिनों तक राहत सेवा शिविर चलाने की पहल की है। शिविर के माध्यम से श्रद्धालुओं को पेयजल उपलब्ध कराने के साथ लड्डू और बताशा वितरित कर दुर्गोत्सव की खुशियों में सहभागिता की जा रही है। शिविर के उद्घाटन समारोह में पश्चिम बर्दवान जिला भाजपा सांगठनिक समिति के महासचिव अभिजीत दत्त, दुर्गापुर पश्चिम के पूर्व विधायक विश्वनाथ पारियाल, दुर्गापुर नगर निगम के चार वार्डों के ब्लॉक मंडल अध्यक्ष प्रसंजीत कर, भाजपा नेता मनोहर कोनार और राम लखन सिंह उपस्थित रहे। इसके अलावा रंतोष राय, भारतीय मजदूर संघ के आरके सिंह, मायाबाजार के दिनेश यादव और रंजीत कुमार चौधरी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। हिंदी भाषा मंच की ओर से जेपीएन ओझा, समाजसेवी मनोहर गुप्ता, भारतीय हिंदी हाई स्कूल के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. अनिल पांडेय तथा मानकर कॉलेज के प्राध्यापक डॉ. मकेश्वर रजक सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोग भी समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर भोजपुरी मंच की पहल को सामाजिक सेवा और जनसहयोग की भावना से जुड़ा प्रयास बताया गया। दुर्गापूजा जैसे बड़े त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस तरह के शिविरों की उपयोगिता बढ़ जाती है। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था और प्रसाद वितरण के माध्यम से मंच ने त्योहार की खुशियों को लोगों के साथ साझा करने का प्रयास किया है। भोजपुरी मंच की यह पहल इस संदेश को भी रेखांकित करती है कि त्योहार केवल धार्मिक आस्था और उत्सव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों की सेवा करने, आपसी सद्भाव बढ़ाने और सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने का अवसर भी हैं। पांच दिवसीय राहत सेवा शिविर के माध्यम से मंच ने दुर्गापूजा के दौरान जनसेवा की अपनी प्रतिबद्धता को सामने रखा है।
