रानीगंज मे आठ साल बाद महाबीर अखाड़ा के पुराने मार्ग को खोलने की पहल

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया संयुक्त निरीक्षण, जुलूस के मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

रानीगंज। रानीगंज में पिछले आठ वर्षों से बंद पड़े महाबीर अखाड़ा जुलूस के पुराने मार्ग को फिर से चालू करने की दिशा में पहल शुरू हुई है। इसी क्रम में रविवार को पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने जुलूस के पारंपरिक मार्ग का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क की स्थिति, यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं का जायजा लिया गया। इस पहल को पुराने मार्ग से अखाड़ा जुलूस निकालने की संभावनाओं के आकलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सेंट्रल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी), रानीगंज थाना प्रभारी, पंजाबी मोड़ थाना प्रभारी और रानीगंज ट्रैफिक प्रभारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पूरे मार्ग का जायजा लेते हुए जुलूस के दौरान सामने आने वाली संभावित चुनौतियों और आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार किया। पुलिस अधिकारियों ने शिव मंदिर से राजबांध मोड़, हिलबस्ती मोड़ और चुड़ीपट्टी मोड़ होते हुए एआर रोड तथा जेएल नेहरू रोड तक पुराने मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान मार्ग की वर्तमान स्थिति और जुलूस के आवागमन के लिहाज से इसकी उपयुक्तता का आकलन किया गया। साथ ही, जुलूस के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही, स्थानीय लोगों की सुविधा और वाहनों के परिचालन को सुचारु बनाए रखने से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान दिया गया। महाबीर झंडा अखाड़ा जुलूस जैसे धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी को देखते हुए यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधिकारियों ने मार्ग के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। जुलूस के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात को व्यवस्थित रखने और किसी भी संभावित समस्या से निपटने के लिए आवश्यक प्रबंधों की समीक्षा की गई।गौरतलब है कि रानीगंज में महाबीर झंडा अखाड़ा जुलूस का पुराना मार्ग पिछले आठ वर्षों से बंद है। ऐसे में इस मार्ग को दोबारा खोलने की दिशा में पुलिस अधिकारियों का संयुक्त निरीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पुराने मार्ग से जुलूस निकालने की संभावनाओं का आकलन करने और आवश्यक व्यवस्थाओं की पहचान करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, निरीक्षण के बाद पुराने मार्ग से जुलूस निकालने की अनुमति देने या इसे फिर से चालू करने के संबंध में कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। इस दिशा में आगे की कार्रवाई और प्रशासनिक निर्णय को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। फिलहाल, पुलिस के इस निरीक्षण से पुराने मार्ग को फिर से शुरू करने की संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

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