
रानीगंज। दुर्गापूजा के उल्लास में समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को भी शामिल करने के उद्देश्य से भाजपा नेता एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मनोज ओझा की ओर से साड़ी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। रानीगंज के एनएसबी रोड स्थित शिशु बागान पेट्रोल पंप के समीप आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 500 महिलाओं के बीच साड़ियां बांटी गईं। आयोजकों की इस पहल का उद्देश्य आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे परिवारों की महिलाओं तक त्योहार की खुशियां पहुंचाना और उन्हें भी नए वस्त्रों के साथ दुर्गापूजा मनाने का अवसर देना रहा। दुर्गापूजा बंगाल का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। इस अवसर पर नए कपड़े पहनने, पूजा पंडालों में घूमने और परिवार के साथ उत्सव मनाने की विशेष परंपरा है। हालांकि, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए त्योहार के दौरान अतिरिक्त खर्च उठाना आसान नहीं होता। ऐसे में नई साड़ी खरीदना भी कई महिलाओं के लिए कठिन हो जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए मनोज ओझा की ओर से यह आयोजन किया गया, ताकि जरूरतमंद महिलाएं भी पूरे उत्साह के साथ दुर्गापूजा की खुशियों में भागीदारी कर सकें। कार्यक्रम में भाजपा के जिला अध्यक्ष देवतानु भट्टाचार्य, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सभापति सिंह, अपूर्व हाजरा, देवजीत खां, दिनेश सोनी और रवि केसरी सहित पार्टी के कई स्थानीय नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आयोजक मनोज ओझा ने बताया कि वह प्रत्येक वर्ष दुर्गापूजा के अवसर पर महिलाओं के बीच साड़ी वितरण का आयोजन करते हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी लगभग 500 महिलाओं को साड़ियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान यहीं समाप्त नहीं होगा। आने वाले दिनों में 500 और महिलाओं के बीच साड़ियों का वितरण किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं तक त्योहार की खुशियां पहुंचाई जा सकें। मनोज ओझा ने कहा कि दुर्गापूजा के दौरान हर महिला की इच्छा होती है कि वह नई साड़ी पहनकर पूजा पंडालों में जाए और अपने परिवार के साथ त्योहार का आनंद उठाए। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कोई महिला इस खुशी से वंचित न रहे, इसी भावना के साथ यह पहल की गई है। उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद महिला को नई साड़ी भेंट करने से उसके चेहरे पर जो मुस्कान आती है, वही उनके लिए सबसे बड़ा संतोष है। उन्होंने यह भी कहा कि त्योहार केवल व्यक्तिगत खुशी मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के दूसरे लोगों के साथ अपनी खुशियां साझा करने का भी समय है। यदि सामर्थ्यवान लोग जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं, तो त्योहार का उल्लास समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सकता है। साड़ी वितरण कार्यक्रम के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं को दुर्गापूजा के अवसर पर नए वस्त्र उपलब्ध कराने के साथ सामाजिक सहभागिता का संदेश देने का प्रयास किया गया। आयोजन में शामिल महिलाओं के लिए यह पहल त्योहार की तैयारियों में मददगार रही। आयोजक ने अगले चरण में 500 और महिलाओं को साड़ी देने की घोषणा कर इस अभियान को आगे बढ़ाने की बात कही। दुर्गापूजा के उत्सवी माहौल में आयोजित इस कार्यक्रम ने इस विचार को सामने रखा कि त्योहार की वास्तविक खुशी तभी सार्थक होती है, जब समाज के कमजोर वर्गों को भी उसमें बराबर की भागीदारी का अवसर मिले।
