
स्थानीय लोगों की सुरक्षा और औद्योगिक गतिविधियों के बीच संतुलन पर जोर, सभी पक्षों से मांगी गई लिखित राय
जामुड़िया। जामुड़िया-चाकडोला इंडस्ट्रियल रोड पर भारी वाहनों के आवागमन और संभावित मार्ग परिवर्तन को लेकर जामुड़िया थाने के सम्मेलन कक्ष में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ औद्योगिक प्रतिष्ठानों तथा जामुड़िया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान भारी वाहनों के आवागमन से उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं, स्थानीय लोगों की सुरक्षा तथा औद्योगिक गतिविधियों को सुचारु बनाए रखने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जामुड़िया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सचिव मोनू (महेश सावडिया), अध्यक्ष जय प्रकाश डोकानिया के अलावा सत्यम-2, हरि ओम, बीएसटी, सुपर स्मेल्टर्स, जीएमपीएल, टेक एआईसी, कुंज बिहारी, श्याम स्टील, मान स्टील क्लस्टर, गगन फेरोटेक सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रशासन की ओर से एसीपी ट्रैफिक-2 जयंत बाग, ट्रैफिक इंस्पेक्टर-2 राणा अंबिका दत्ता, जामुड़िया थाना प्रभारी सोमेंद्र नाथ सिंह ठाकुर तथा जामुड़िया ट्रैफिक प्रभारी सुकांतो दास सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में चैंबर के सचिव मोनू (महेश सावडिया) ने कहा कि उद्योग जगत स्थानीय लोगों की समस्याओं और उनकी भावनाओं को समझता है। उन्होंने कहा कि उद्योग और स्थानीय जनता के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। औद्योगिक प्रतिष्ठान हमेशा स्थानीय लोगों के साथ मिलकर चलते आए हैं और भविष्य में भी लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को पूरा सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जादूडांगा औद्योगिक क्षेत्र वर्ष 2004 से संचालित है और क्षेत्र के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में भारी वाहनों के आवागमन को लेकर कोई भी निर्णय लेते समय स्थानीय लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ उद्योगों की व्यावहारिक आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखना जरूरी है। चैंबर की ओर से बैठक में समस्या के समाधान के लिए प्रशासन के समक्ष कई व्यावहारिक विकल्प और सुझाव भी रखे गए। प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसा रास्ता निकाला जाना चाहिए, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी न हो और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित रहे। साथ ही, भारी वाहनों के आवागमन में किसी भी प्रकार की ऐसी बाधा उत्पन्न न हो, जिससे औद्योगिक गतिविधियां अनावश्यक रूप से प्रभावित हों।प्रतिनिधियों ने प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर स्थायी समाधान निकालने पर जोर दिया। उनका कहना था कि समस्या का समाधान सभी संबंधित पक्षों की सहमति और सुझावों के आधार पर किया जाना अधिक प्रभावी होगा। बैठक में टेक एआईसी एवं आरएआईसी प्लांट के संयोजक पिंटू झा ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि व्यापारी और औद्योगिक समुदाय स्थानीय लोगों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखता है। बैठक सकारात्मक माहौल में हुई और सभी पक्षों ने समस्या के व्यावहारिक समाधान की दिशा में अपने सुझाव रखे। उन्होंने कहा कि सड़क की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसी की जान को खतरा न हो। उद्योग और व्यापारी वर्ग भी चाहता है कि स्थानीय लोगों की सुविधा और सुरक्षा बनी रहे तथा औद्योगिक क्षेत्र में वाहनों का आवागमन सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो। बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भारी वाहनों के मार्ग परिवर्तन या अन्य किसी व्यवस्था को लेकर अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी प्रभावित पक्षों की राय जानना जरूरी है। अधिकारियों ने कहा कि अचानक कोई निर्णय लेने से उद्योगों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी हो सकती है। इसलिए सभी संबंधित पक्षों को बैठक में बुलाकर उनकी राय और सुझाव लिए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित प्रतिनिधियों से अपनी स्पष्ट राय और सुझाव लिखित रूप में प्रशासन को देने की अपील की, ताकि उन पर प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से विचार किया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि जामुड़िया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज तथा विभिन्न कारखाना प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी राय पहले ही ली जा चुकी है। अब स्थानीय लोगों की राय भी ली जाएगी। इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), स्थानीय विधायक तथा संबंधित गांवों के प्रतिनिधियों और निवासियों के साथ एक और बैठक आयोजित की जाएगी।प्रशासन सभी पक्षों से प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद ही इस मामले में अंतिम निर्णय लेगा। बैठक के अंत में स्थानीय लोगों की सुरक्षा और सुविधा के साथ औद्योगिक गतिविधियों को सुचारु बनाए रखने के लिए आपसी समन्वय और सहयोग के साथ स्थायी एवं व्यावहारिक समाधान निकालने पर सहमति बनी।
