
रानीगंज। जर्जर सड़क, जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे और बारिश के पानी व कीचड़ से परेशान रानीगंज के निमचा इलाके के ग्रामीणों ने गुरुवार को सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। इसके अलावा ओवरलोड कोयला लदे डंपर और बालू लदे ट्रकों की लगातार आवाजाही से सड़क की हालत और खराब होती जा रही है। ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत और भारी वाहनों के आवागमन पर नियंत्रण की मांग की। जानकारी के अनुसार, रानीगंज थाना क्षेत्र के जेमारी ग्राम पंचायत अंतर्गत निमचा इलाके में रानिसायर मोड़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के किनारे स्थित बाइपास राज्य सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है। बारिश के कारण सड़क के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया है। जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें पानी और कीचड़ भर जाने से सड़क पर चलना बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति विशेष रूप से जोखिमपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, गड्ढों में पानी भरे रहने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और कई बार वाहन चालक दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बचते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों पर पड़ रहा है। बच्चों को लेकर स्कूल आने-जाने में अभिभावकों को लगातार परेशानी होती है। वहीं, आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने के दौरान भी समय लगने की शिकायत ग्रामीणों ने की है।ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग से प्रतिदिन भारी वाहनों की आवाजाही होती है। विशेष रूप से ओवरलोड कोयला लदे डंपर और बालू लदे ट्रकों के लगातार परिचालन से सड़क को नुकसान पहुंच रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। सड़क की बदहाली के विरोध में गुरुवार को ग्रामीणों ने कई घंटे तक सड़क जाम कर दिया। सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद रानीगंज थाना क्षेत्र की निमचा फांड़ी की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और प्रशासन के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों के अनुसार, प्रशासन की ओर से सड़क को जल्द ही अस्थायी रूप से आवागमन योग्य बनाने का आश्वासन दिया गया। साथ ही बारिश समाप्त होने के बाद सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की बात कही गई। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद मार्ग पर वाहनों का आवागमन सामान्य हुआ। हालांकि, जाम समाप्त होने के बाद भी ग्रामीणों की नाराजगी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उनका कहना है कि सड़क की खराब स्थिति को लेकर पहले भी संबंधित विभाग और प्रशासन को जानकारी दी गई थी, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों के लोगों की रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी है। इसलिए सड़क की तत्काल मरम्मत के साथ ही भारी और ओवरलोड वाहनों के परिचालन पर भी प्रभावी निगरानी जरूरी है।फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद सड़क जाम समाप्त हो गया है, लेकिन निमचा के ग्रामीण अब आश्वासन के बजाय सड़क पर वास्तविक मरम्मत कार्य शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
