
रानीगंज। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 100 दिनों के कार्य की बकाया मजदूरी का शीघ्र भुगतान, बेघर परिवारों को आवास योजना के अंतर्गत मकान उपलब्ध कराने, जर्जर सड़कों की मरम्मत, पेयजल संकट का स्थायी समाधान तथा गरीबों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित किए जाने के विरोध में गुरुवार को माकपा (सीपीआई-एम) रानीगंज एरिया कमेटी के नेतृत्व में बल्लभपुर ग्राम पंचायत कार्यालय के समक्ष विरोध-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पंचायत प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा। इस अवसर पर बल्लभपुर स्थित पार्टी कार्यालय से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं स्थानीय ग्रामीण लाल झंडों के साथ जुलूस निकालते हुए ग्राम पंचायत कार्यालय पहुंचे। पंचायत कार्यालय के मुख्य द्वार के समक्ष प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए 100 दिनों के कार्य को नियमित रूप से शुरू करने तथा लंबे समय से लंबित मजदूरी का तत्काल भुगतान करने की मांग की। आयोजित विरोध सभा को हेमंत प्रभाकर, मलय मंडल, गुरुपद बाउरी, सुभाष बाउरी एवं शाश्वती मित्र ने संबोधित किया। सभा का संचालन अशोक बाउरी ने किया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि गरीब एवं श्रमिक वर्ग की समस्याओं को लेकर केवल माकपा ही लगातार संघर्ष कर रही है। उनका आरोप था कि तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी की नीतियों के कारण पश्चिम बंगाल में 100 दिनों का कार्य प्रभावित हुआ है। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने पूर्व की योजना के स्थान पर नई व्यवस्था लागू करने की घोषणा तो की है, लेकिन अब तक सभी क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है, जिससे हजारों श्रमिकों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में गरीब एवं बेघर परिवार आज भी आवास योजना के लाभ से वंचित हैं। बरसात के मौसम में वास्तविक जरूरतमंदों को तिरपाल तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इसके साथ ही क्षेत्र में पेयजल संकट, जलनिकासी व्यवस्था की बदहाली, नालों की सफाई एवं सिंचाई नहरों के जीर्णोद्धार की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शन में शामिल शीला बाउरी ने आरोप लगाया कि अनेक गरीब महिलाओं को अब तक अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने पात्र लाभार्थियों को शीघ्र योजना का लाभ देने की मांग की। कार्यक्रम के अंत में माकपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पहले अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन की ओर से भी जेमेरी ग्राम पंचायत में विभिन्न मांगों को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा था।
