तृणमूल के नाम व चुनाव चिन्ह विवाद पर गुरुवार को आयोग में सुनवाई, बागी गुट ने की बड़ी दावेदारी

कोलकाता, 01 जुलाई । पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस को लेकर नया विवाद सामने आया है। खुद को असली तृणमूल बताने वाले ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा गुट ने पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर दावा करते हुए केंद्रीय निर्वाचन आयाेग का दरवाजा खटखटाया है। इसी मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने गुरुवार को इस गुट को चर्चा के लिए बुलाया है।

जानकारी के अनुसार, ऋतब्रत गुट का दावा है कि तृणमूल कांग्रेस के अधिकतर विधायक और नेता उनके साथ हैं। इसी आधार पर उन्होंने हाल ही में दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर अधिकार की मांग की थी। उस समय आयोग ने मामले की समीक्षा करने की बात कही थी।

सूत्रों के मुताबिक, समीक्षा के बाद अब चुनाव आयोग ने गुरुवार दोपहर 12 बजे ऋतब्रत गुट को फिर से बुलाया है। इस दौरान आयोग की फुल बेंच के साथ बैठक होगी। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस पर नियंत्रण को लेकर स्थिति जल्द साफ हो सकती है।

कुछ दिन पहले कोलकाता के एक पांच सितारा होटल में ऋतब्रत गुट की बैठक हुई थी। इस बैठक में तृणमूल के 64 बागी विधायक और कुछ पूर्व पार्षद शामिल हुए थे। इसी बैठक में पार्टी की नई समिति का गठन किया गया था। इसमें ममता बनर्जी को हटाकर अरूप रॉय को पार्टी का चेयरपर्सन बनाया गया। वहीं, अभिषेक बनर्जी को पार्टी से निलंबित करने का भी फैसला लिया गया।

इसके बाद ऋतब्रत गुट ने खुद को असली तृणमूल बताते हुए चुनाव आयोग को नई समिति की सूची सौंपी थी। अब इसी आवेदन के आधार पर आयोग ने दोबारा बैठक के लिए बुलाया है। चुनाव आयोग से बुलावा मिलने के बाद बुधवार को ही बागी विधायक दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

इस मामले में ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग ने गुरुवार को बैठक के लिए बुलाया है। आयोग की फुल बेंच के साथ चर्चा होगी और उनकी ओर से 10 प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे।

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