
रानीगंज। आसनसोल नगर निगम के 93 नंबर वार्ड अंतर्गत रानीगंज स्थित बुजीरबांध तालाब को भरकर कथित रूप से अतिक्रमण किए जाने के आरोपों को लेकर क्षेत्र में विवाद गहरा गया है। मामले की शिकायत पहले ही बीएलआरओ (ब्लॉक भूमि एवं भूमि सुधार अधिकारी) कार्यालय में दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर गुरुवार को बीएलआरओ की टीम प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची और स्थल का निरीक्षण कर पूरे मामले की वस्तुस्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए। इस दौरान भाजपा नेत्री अनीता साव भी मौके पर पहुंचीं और प्रशासन के समक्ष तालाब को बचाने तथा कथित अतिक्रमण के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।अनीता साव ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के निवासी तपन हालदार द्वारा बुजीरबांध तालाब को भरकर उसकी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब भी स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया, तब कथित रूप से प्रभाव का इस्तेमाल कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने बताया कि क्षेत्रवासी लंबे समय से तालाब के संरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अब उन्हें प्रशासन से निष्पक्ष जांच एवं उचित कार्रवाई की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि बुजीरबांध तालाब केवल एक जलस्रोत नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की आस्था, परंपरा और दैनिक जरूरतों का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। वर्षों से धार्मिक अनुष्ठान, सामाजिक कार्यक्रम तथा अन्य सार्वजनिक गतिविधियां इसी तालाब में संपन्न होती रही हैं। आरोप है कि तालाब को भरने और उसके चारों ओर बाउंड्री वॉल का निर्माण किए जाने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तालाब को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए तथा यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वहीं, जिन पर तालाब की भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया जा रहा है, उनके पक्ष से तपन हालदार की पत्नी विद्या हालदार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित भूमि सरकारी अभिलेखों में तालाब नहीं, बल्कि ‘वास्तु’ (आवासीय) भूमि के रूप में दर्ज है। उनका दावा है कि वह अपनी वैध एवं स्वामित्व वाली भूमि पर ही बाउंड्री वॉल का निर्माण करा रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास भूमि से संबंधित सभी वैध दस्तावेज उपलब्ध हैं और वह किसी भी प्रकार की सरकारी जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं।बीएलआरओ की टीम ने निरीक्षण के दौरान आवश्यक तथ्य एवं दस्तावेजी जानकारी एकत्र की है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इस बीच पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासन के आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं। हालांकि, निरीक्षण के दौरान जब बीएलआरओ टीम से पूरे मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया जानने का प्रयास किया गया, तो उनकी ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई। ऐसे में अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
