दामोदर नदी पर पक्का सेतु निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन तेज, बजट में परियोजना का उल्लेख नहीं होने से लोगों में नाराजगी

आसनसोल। दामोदर नदी पर स्थायी पक्का सेतु निर्माण की वर्षों पुरानी मांग को लेकर आसनसोल के बर्नपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में जनआंदोलन तेज हो गया है। हाल ही में पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में इस महत्वपूर्ण परियोजना का कोई उल्लेख नहीं किए जाने से स्थानीय लोगों में भारी असंतोष और नाराजगी देखी जा रही है।क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे समय से पुल निर्माण की मांग उठाई जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। दामोदर बिहारी नाथ रक्षा कमेटी के नेतृत्व में मंगलवार को रिवर साइड क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दामोदर नदी पर अविलंब स्थायी पक्का पुल निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की। इस दौरान आंदोलनकारियों ने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण क्षेत्र के हजारों लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, वर्तमान में नदी पार करने के लिए बांस से निर्मित एक अस्थायी पुल ही लोगों का सहारा है। यह पुल विशेष रूप से बरसात के मौसम में अत्यंत जोखिमपूर्ण हो जाता है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर लोगों की आवाजाही बाधित हो जाती है तथा दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। कई बार पुल क्षतिग्रस्त होने से लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त हानि होती है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दामोदर नदी पर स्थायी सेतु का निर्माण होने से पश्चिम बर्दवान और बांकुरा जिलों के बीच संपर्क व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र, मजदूर, किसान, छोटे व्यापारी तथा विभिन्न वर्गों के लोग इस मार्ग का उपयोग करते हैं। पुल बनने से उनकी यात्रा सुगम होगी और क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। दामोदर बिहारी नाथ रक्षा कमेटी के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कई वर्षों से विभिन्न स्तरों पर मांग उठाने के बावजूद प्रशासन और सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही परियोजना को स्वीकृति नहीं दी गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इसके तहत आने वाले दिनों में जनसभाएं, रैलियां तथा प्रशासनिक कार्यालयों के समक्ष बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय लोगों का मानना है कि दामोदर नदी पर पक्का सेतु बनने से केवल आवागमन की समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि क्षेत्र में व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे। इससे दोनों जिलों के बीच आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा। फिलहाल क्षेत्रवासियों की निगाहें राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। लोगों को उम्मीद है कि जनभावनाओं और क्षेत्र की आवश्यकताओं को देखते हुए सरकार इस लंबे समय से लंबित मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगी और दामोदर नदी पर स्थायी सेतु निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगी।

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