पूर्व विधायक अदिति मुंशी को अंतरिम अग्रिम जमानत, पति देवब्रज चक्रवर्ती की याचिका खारिज

कोलकाता, 24 जून । कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस की पूर्व विधायक अदिति मुंशी को अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी है, जबकि उनके पति और तृणमूल पार्षद देवराज चक्रवर्ती की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई। न्यायमूर्ति जय सेनगुप्त ने बुधवार को दोनों को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया।

अदालत ने कहा कि अदिति मुंशी के चार महीने के शिशु होने के कारण उन्हें अंतरिम अग्रिम जमानत दी जा रही है। हालांकि, जमानत के साथ कई शर्तें लगाई गई हैं। अदिति को जांच एजेंसी के साथ सहयोग करना होगा और वह फिलहाल विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगी। उन्हें अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा कराना होगा। अदालत की अनुमति के बिना वह देश से बाहर नहीं जा सकेंगी।

उच्च न्यायालय ने अदिति मुंशी को किसी भी गवाह को प्रभावित नहीं करने का भी निर्देश दिया है। साथ ही उन्हें फिलहाल बागुईआटी थाना क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।

मामले में देवराज चक्रवर्ती को भी जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। इससे पहले उच्च न्यायालय ने राजनीतिक दंपति की गिरफ्तारी पर 19 जून तक रोक लगाई थी।

अदिति मुंशी और देवराज चक्रवर्ती पर 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले कम से कम 100 करोड़ रुपये की संपत्ति बेनामी तथा रिश्तेदारों और परिचितों के नाम हस्तांतरित करने का आरोप है। आरोपों के अनुसार, दोनों के पास पिछले पांच वर्षों में आय से अधिक संपत्ति, धनशोधन और संपत्ति संबंधी अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं।

अदिति मुंशी 2021 के विधानसभा चुनाव में राजारहाट-गोपालपुर सीट से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुनी गई थीं। उनके खिलाफ चुनावी हलफनामे में संपत्ति का विवरण कम दिखाने का भी आरोप है। देवब्रज चक्रवर्ती को विधाननगर नगर निगम का प्रभावशाली पार्षद माना जाता है।

राज्य की ओर से पूर्व सुनवाई में उच्च न्यायालय को बताया गया था कि दंपति का कालिम्पोंग में बैंक खाता था। आरोप है कि चुनाव से पहले इस खाते के अतिरिक्त कई अन्य बैंक खातों से राशि निकाल ली गई थी। देवब्रज चक्रवर्ती के करीबी माने जाने वाले दो लोगों की गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया गया था।

राजनीतिक दंपति के खिलाफ विधाननगर क्षेत्र में कथित वसूली, सिंडिकेट संचालन और जमीन कब्जाने के माध्यम से संपत्ति अर्जित करने के आरोप भी लगे हैं। देवराज चक्रवर्ती वर्ष 2021 के चुनाव बाद हिंसा मामले में भी आरोपित बताए गए हैं।

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