
लिलुआ । कोलकाता एवं उपनगरों में निवास कर रहे पुष्टिकर विप्र समाज द्वारा वेद गायत्री यज्ञशाला में गायत्री प्राकट्योत्सव के अवसर पर ब्रह्म गायत्री जप – यज्ञ के पंचदश चरण आयोजन में मंगल कलश यात्रा में सैकड़ों महिलाएं एवं श्रद्धालु भक्त शामिल हुए । प्रमुख अतिथि ब्रह्ममयी काली मन्दिर से पधारे परमहंस जगतगुरू स्वामी परमात्मानंद महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा सामाजिक कर्तव्य के प्रति जागरूक रह कर विप्र – ब्राह्मण समाज द्वारा निरन्तर धार्मिक आयोजन से बच्चों, युवा पीढ़ी में संस्कार निर्माण होता है । भारतीय सनातन धर्म पर श्रोताओं का मार्गदर्शन कर भाव विभोर किया । स्वामी परमात्मानन्द जी ने पश्चिम बंगाल में देवी काली के साधक रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद के कृतित्व से प्रेरणा लेकर बंधुत्व सद्भावना की प्रेरणा दी ।
महेश आचार्य ने बताया वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धालु भक्तों ने गायत्री पूजन, सवा लाख गायत्री मंत्र का जाप किया ।
समाजसेवी रमन लाल आचार्य, बसंत पुरोहित दाऊलाल देरासरी, हीरा लाल किराडू, संतोष व्यास, शिव कुमार व्यास, नागेश व्यास, सुरेंद्र ओझा, विजय व्यास, बुलlकी हर्ष, जेठमल रंगा, भवानी देरासरी, गिरिराज पुरोहित, महेश आचार्य, मनीष पुरोहित, नवरत्न कल्ला,बद्री दास व्यास, उमेश व्यास, नृसिंह हर्ष, गोलू पुरोहित ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया ।
