
प्रशासन की सख्ती के बावजूद सिंडिकेट राज जारी
जामुड़िया। जामुड़िया थाना अंतर्गत चुरुलिया फाड़ी क्षेत्र के अजय नदी स्थित तालडांगा सहित विभिन्न बालू घाटों पर एक बार फिर अवैध बालू कारोबार शुरू होने का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने घाट पर पहुंचकर अवैध बालू खनन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान घाट क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया। भाजपा कार्यकर्ताओं के पहुंचते ही कथित रूप से अवैध बालू खनन में लगे बड़े-बड़े डंपर, ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनों के चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जब वहां मौजूद लोगों से बालू उठाव से संबंधित वैध चालान और दस्तावेज मांगे गए, तो कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका।
“प्रशासन की सख्ती के बावजूद सिंडिकेट राज जारी”
भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद प्रशासन द्वारा अवैध कारोबार, कोयला और बालू सिंडिकेट के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद कुछ अवैध कारोबारी प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए सिंडिकेट राज को जीवित रखने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अजय नदी के बीचों-बीच बड़े पैमाने पर बालू की कटाई की जा रही है, जिससे न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यावरण और नदी के अस्तित्व पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
“अवैध कारोबार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं” — पिनाकी राय
जामुड़िया भाजपा मंडल ग्रामीण-1 के अध्यक्ष पिनाकी राय ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि भाजपा सरकार का स्पष्ट संदेश है कि राज्य में किसी भी प्रकार का अवैध कारोबार चलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार अवैध कोयला और बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग गैरकानूनी तरीके से कारोबार जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा वैध और सरकारी नियमों के तहत होने वाले कार्यों का समर्थन करती है, लेकिन अवैध कारोबार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस प्रशासन को दे दी गई है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
अवैध खनन से भूजल स्तर पर खतरा
प्रदर्शन में शामिल भाजपा कार्यकर्ता कैलाश बोउरी ने कहा कि पिछले शासनकाल में अजय नदी किनारे रहने वाले लोगों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता था। अवैध बालू खनन के कारण भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा था, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट गहरा गया था। उन्होंने कहा कि अब लोगों को उम्मीद है कि वर्तमान सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए अवैध बालू कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाएगी और नदी तथा पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
सख्त कार्रवाई की मांग
भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध बालू कारोबार में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही अजय नदी क्षेत्र में नियमित निगरानी और छापेमारी अभियान चलाकर अवैध खनन को पूरी तरह बंद कराया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध बालू खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो सकता है। घटना के बाद पूरे इलाके में अवैध बालू कारोबार को लेकर चर्चा तेज हो गई है और अब लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
