अभिषेक बनर्जी के गढ़ डायमंड हार्बर में पहली प्रशासनिक बैठक करेंगे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, फलता उपचुनाव पर टिकी राजनीतिक नजरें

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शनिवार को पहली बार डायमंड हार्बर में प्रशासनिक बैठक करने जा रहे हैं। राजनीतिक दृष्टि से यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि डायमंड हार्बर लंबे समय से अभिषेक बनर्जी का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है। वर्तमान में अभिषेक बनर्जी इसी लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का अपने प्रशासनिक कार्यक्रम की शुरुआत इसी क्षेत्र से करना राज्य की राजनीति में कई मायनों में अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल प्रशासनिक बैठक तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी फलता विधानसभा उपचुनाव को ध्यान में रखकर बनाई गई व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री इस बैठक के दौरान डायमंड हार्बर क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नई परियोजनाओं की घोषणा कर सकते हैं। गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी वर्ष 2014 से लगातार तीन बार डायमंड हार्बर लोकसभा सीट से जीत हासिल कर चुके हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने यहां रिकॉर्ड 7 लाख 11 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। हालांकि हालिया विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस की बढ़त पहले की तुलना में काफी कम हुई है। इसी कारण राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि भारतीय जनता पार्टी अब इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। सूत्रों के अनुसार गुरुवार शाम नवान्न स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में डायमंड हार्बर दौरे के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया। बताया जा रहा है कि प्रशासनिक बैठक के साथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भाजपा के एक बड़े कार्यकर्ता सम्मेलन में भी शामिल हो सकते हैं। इससे राजनीतिक माहौल और अधिक गर्माने की संभावना है। फलता विधानसभा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान होना है। दूसरे चरण में यहां मतदान हुआ था, लेकिन बाद में चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को रद्द करते हुए 21 मई को दोबारा मतदान कराने और 24 मई को मतगणना करने की घोषणा की। इस सीट पर सत्तारूढ़ भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है तथा जोरदार चुनाव प्रचार जारी है। फलता सीट से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान को लेकर चुनाव के दौरान कई विवाद सामने आए थे। हालात को नियंत्रित करने के लिए उत्तर प्रदेश के आईपीएस अधिकारी अजयपाल सिंह को भी तैनात किया गया था, जिसे लेकर भी राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ। हालांकि 4 मई को राज्य में सत्ता परिवर्तन होने और भाजपा सरकार बनने के बाद पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल तेजी से बदला है। बदले हुए हालात में भाजपा उम्मीदवार देवांशु पंडा के पक्ष में माहौल बनने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में लगातार हो रही है।उल्लेखनीय है कि 4 मई को हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा था। चुनाव परिणाम आने के बाद 9 मई को शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद शुरुआती दिनों में वह विधानसभा की कार्यवाही और प्रशासनिक बैठकों में व्यस्त रहे। शुक्रवार को विधानसभा में स्पीकर चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब उनकी राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कई विधानसभा सीटों पर इस बार भाजपा ने अपनी स्थिति मजबूत की है। सातगाछिया विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार अग्नीश्वर नस्कर ने तृणमूल उम्मीदवार सोमाश्री बेताल को 401 वोटों के मामूली अंतर से पराजित किया।राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का यह दौरा फलता उपचुनाव के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है और इसका सीधा लाभ भाजपा उम्मीदवार देवांशु पंडा को मिल सकता है।

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