
कोलकाता, 13 मई । पश्चिम बंगाल सरकार की नई सामाजिक सहायता योजना ‘अन्नपूर्णा भंडार’ को लेकर राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना को नए स्वरूप में लागू किया जा रहा है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि योजना में शामिल अपात्र और संदिग्ध नामों की विस्तृत जांच की जाएगी, ताकि वास्तविक लाभार्थियों तक ही सहायता पहुंच सके।
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार योजना को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक समीक्षा में बड़ी संख्या में ऐसे नाम सामने आए हैं, जिनकी पात्रता की पुनः जांच आवश्यक है। सरकार द्वारा लगभग 91 लाख नामों की सूची की समीक्षा की जा रही है, लेकिन बिना जांच के किसी भी व्यक्ति का नाम सूची से हटाया नहीं जाएगा।
मंत्री ने कहा कि जांच प्रक्रिया के दौरान यह देखा जाएगा कि संबंधित व्यक्ति ने किसी न्यायाधिकरण में अपील की है या नहीं, उसकी नागरिकता संबंधी स्थिति क्या है तथा कहीं लाभार्थी का निधन तो नहीं हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने नागरिकता या अन्य मामलों में वैधानिक अपील की है, उन्हें अंतिम निर्णय आने तक सरकारी सुविधाएं मिलती रहेंगी। वहीं जिन लाभार्थियों का निधन हो चुका है, उनके नाम सूची से हटाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि जिन महिलाओं को पहले ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का लाभ मिल रहा था, उन्हें नई ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना में स्वतः शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त नए पात्र लाभार्थियों को भी आवेदन और अपील की प्रक्रिया के माध्यम से योजना से जोड़ा जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वास्तविक जरूरतमंद महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा जाएगा और इसे अत्यंत सरल बनाया जा रहा है, ताकि कम पढ़े-लिखे लोग भी आसानी से आवेदन कर सकें। विभागीय पोर्टल के माध्यम से लाभार्थी सीधे आवेदन अथवा अपील कर सकेंगे। यदि किसी पात्र व्यक्ति को सहायता राशि या राशन से संबंधित समस्या होती है, तो वह ऑनलाइन माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि योजना को नए स्वरूप में लागू करने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। सरकार का प्रयास है कि आगामी एक जून से इस योजना को प्रभावी रूप से शुरू किया जा सके। हालांकि अंतिम तिथि और औपचारिक घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की जाएगी।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
