
पश्चिम बंगाल में वाममोर्चा और तृणमूल कांग्रेस के तकरीबन 5 दशक शासन के उपरान्त, प्रतीक्षा के बाद पश्चिम बंगाल की जनता ने 4 मई 2026 के जनादेश से सत्ता का हस्तांतरण किया है, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, स्वामी विवेकानंद की बंगभूमि में एक नई राजनीतिक और सांस्कृतिक चेतना का संचार किया है। हिन्दुत्व की यह जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि बंगाल के पुनरुत्थान का शंखनाद है । सबसे प्रमुख उपलब्धियों में तुष्टिकरण का अंत, आत्मसम्मान का उदय जिसका इंतजार दशकों से बंगाल की जनता को रहा, जहाँ बहुसंख्यक हिंदू और सनातनी समाज अपनी ही धरती पर असुरक्षा से जूझता रहा व राजनीतिक लाभ के लिए किए गए भेदभाव ने राज्य के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर किया, उससे मुक्ति की आशा कर सकते हैं ।
भाजपा की नई सरकार के नेतृत्व में अब बंगाल को इस वोट बैंक की राजनीति से मुक्ति मिलने की उम्मीद है । यह समय सनातनी मूल्यों के सम्मान और हर नागरिक को बिना किसी भेदभाव के समान अधिकार दिलाने का है । औद्योगिक पुनर्जागरण, बंगाल जो कभी भारत का औद्योगिक केंद्र हुआ करता था, पिछले कुछ दशकों में निवेश के मामले में बुरी तरह पिछड़ गया । अब केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार होने से विकास की गति बुलेट ट्रेन जैसी होने की राज्य की जनता उम्मीद कर रही है । इससे निवेशकों का भरोसा लौटेगा, बंद कारखानों के पहिए फिर घूमेंगे और सिंगूर से सिलीगुड़ी तक नए औद्योगिक गलियारों का निर्माण होने की भी हमे उम्मीद दिखती है । यह बदलाव बंगाल के मेधावी युवाओं के लिए राज्य में रोजगार के द्वार खोलेगा, जिससे पलायन की मजबूरी समाप्त होगी । सिंडिकेट राज, कट-मनी और भर्ती घोटालों से त्रस्त जनता को अब एक पारदर्शी शासन की आशा है।
राजनीतिक कारणों की वजह से पश्चिम बंगाल की वंचित जनता को केंद्रीय योजनाओं जैसे आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं और पीएम आवास योजना का लाभ भी प्राप्त होगा । जनता यह आशा करती है कि नागरिक सुविधाओं का लाभ प्रत्येक नागरिक, परिवार को मिलेगा । आधुनिक सड़क नेटवर्क, बेहतर बुनियादी ढांचा और डिजिटल गवर्नेंस से बंगाल की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी ।
भाजपा सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती और प्राथमिकता एक भयमुक्त वातावरण बनाना है जिससे आम नागरिक सुरक्षित महसूस करेगा । यह जीत बंगाल की अस्मिता, संस्कृति और विकास के संगम का परिणाम है । भारतीय जनता पार्टी से आशा है कि अपने नारे के अनुकूल सबका साथ, सबका विकास, हम सभी का विश्वास को धरातल पर साकार कर जनता के विश्वास को मजबूती से क्रियान्वित करे ।
के डी अग्रवाल, उद्योगपति – समाजसेवी
