
“SHAME” और “विकास कहाँ है?” जैसे नारों से घिरे पोस्टर, प्रचार से दूरी पर उठे सवाल
आसनसोल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच आसनसोल में सियासी घमासान अब पोस्टर वॉर में बदल गया है। ताज़ा घटनाक्रम में तृणमूल कांग्रेस के सांसद और स्टार प्रचारक शत्रुघ्न सिन्हा को निशाना बनाते हुए शहर में कई विवादित पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें उन्हें “लापता” बताया गया है।
इन पोस्टरों में “SHAME” और “विकास कहाँ है?” जैसे तीखे संदेश प्रमुखता से लिखे गए हैं, जो क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर असंतोष और विपक्ष के हमलावर रुख को दर्शाते हैं। पोस्टर के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि चुनाव के इस अहम दौर में जनता अपने जनप्रतिनिधियों से जवाब चाहती है।
गौरतलब है कि पहले चरण के मतदान में अब कुछ ही दिन शेष हैं और 23 अप्रैल को जिले की 9 सीटों पर मतदान होना है। ऐसे में प्रचार अपने अंतिम चरण में है, लेकिन सांसद सिन्हा की चुनावी मैदान से अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि वे आखिरी बार 23 मार्च को जामुड़िया में नजर आए थे, जिसके बाद वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की जनसभाओं में भी दिखाई नहीं दिए।
वहीं दूसरी ओर बर्दवान-दुर्गापुर के सांसद कीर्ति आजाद चुनाव प्रचार में लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं, जिससे तुलना और भी तेज हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के पोस्टर न केवल चुनावी माहौल की गरमी को बढ़ा रहे हैं, बल्कि यह भी संकेत दे रहे हैं कि आसनसोल में मुकाबला अब और अधिक आक्रामक हो चुका है। विपक्ष जहां इसे जनभावना का प्रतीक बता रहा है, वहीं सत्तारूढ़ दल इसे सुनियोजित राजनीतिक साजिश करार दे सकता है।
जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, आरोप-प्रत्यारोप और पोस्टर वॉर से यह स्पष्ट होता जा रहा है कि आसनसोल की चुनावी लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।
