
रानीगंज। 15 हजार रुपए मासिक वेतन, सभी तरह के अलाउंस सहित मुख्य 8 सूत्रीय मांगों को लेकर वेस्ट बंगाल आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले रानीगंज की आशा कर्मियों ने मंगलवार से काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गई हैं। मांगों को लेकर बुधवार को आशा कर्मियों ने रानीगंज में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर एंड हेल्थ (बीएमओएच) के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान प्रदर्शनकारी आशा कर्मियों ने कहा कि दिन-रात काम करने के बावजूद उन्हें उनकी मेहनत का सही हिस्सा नहीं दिया जा रहा है। यहां तक कि 200 रूपये महीने का मिलने वाला फोन बिल भी लंबे समय से नहीं मिला है। उन्होंने इस बारे में पहले भी कई बार अलग-अलग अधिकारियों को बताया है, और अपनी परेशानी हेल्थ डिपार्टमेंट को भी बताई है, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया है। आखिरकार आशा कर्मियों ने काम बंद कर आज सुबह से विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। उनकी मांग है कि उन्हें कम से कम 15000 रूपये वेतन दिया जाए। इसके अलावा, सरकार आशा कर्मियों की मौत के बाद आश्रितों को 5 लाख रूपये दे। और सरकार के पास जो भी अलग-अलग अलाउंस हैं, वे भी दें। इसके अलावा, वे कुल आठ मांगों को लेकर विरोध कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी मांगें मान नहीं लेती। आशा कर्मी अपना पेट पालने के लिए काम करते हैं। लेकिन दिन-रात काम करने के बाद भी उन्हें उनका सही मेहनताना नहीं मिल रहा है। इसलिए उन्हें हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, उनकी हड़ताल जारी रहेगी। हालांकि आशा कर्मियों की हड़ताल कल से लगातार चल रही है, लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।
