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डॉ. रेणुका व्यास और पूरणमल शर्मा को पोकरमल राजरानी गोयल राजस्थानी कथा साहित्य पुरस्कार अर्पित - Kolkata Saransh News

डॉ. रेणुका व्यास और पूरणमल शर्मा को पोकरमल राजरानी गोयल राजस्थानी कथा साहित्य पुरस्कार अर्पित

बीकानेर, ( कविता कंवर राठौड़ )। मुक्ति संस्था,बीकानेर के तत्वावधान में पोकरमल राजरानी गोयल राजस्थानी कथा साहित्य पुरस्कार समारोह सोमवार देर शाम होटल राजमहल में आयोजित हुआ।
इस दौरान कवियत्री-आलोचक डाॅ. रेणुका व्यास को उनके राजस्थानी उपन्यास धिंगाणै धणियाप और पूरण शर्मा पूरण को उनके राजस्थानी कहानी संग्रह उणरी आपरी दुनिया के लिए पुरस्कार अर्पित किया गया। दोनों को पुरस्कार स्वरूप शॉल, साफा, श्रीफल और अभिनंदन पत्र के अलावा ग्यारह-ग्यारह हजार रुपए दिए गए।
समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार मधु आचार्य ‘आशावादी’ थे। उन्होंने कहा कि राजस्थानी लेखकों को प्रोत्साहित करना अच्छी परंपरा है। इससे नए लेखकों को प्रेरणा मिलेगी और राजस्थानी साहित्य सृजन में विविधता और परिपक्वता आएगी।
अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डेह, नागौर के पवन पहाड़िया ने कहा कि गत दशक में राजस्थानी साहित्य सृजन में आमूलचूल इजाफा हुआ है। राजस्थानी भाषा की मान्यता के दृष्टिकोण से अच्छे संकेत हैं। उन्होंने कहा कि आज के राजस्थानी लेखक प्रयोग धर्मी हैं, इससे लेखन की गहराई में और इजाफा हुआ है।
युवा उद्यमी एवं कार्यक्रम समन्वयक डाॅ.नरेश गोयल ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने अब तक दिए गए पुरस्कारों के बारे में जानकारी दी।
मुक्ति संस्थान के सचिव कवि-कथाकार राजेन्द्र जोशी ने कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में बताया। जोशी ने बताया कि पुरस्कार के लिए देश भर के विभिन्न राज्यों से 17 पुस्तकें प्राप्त हुई। चयन समिति द्वारा इनमें से दो पुस्तकों का चयन किया गया।
उन्होंने कहा कि चयन समिति द्वारा विभिन्न प्रस्तावों के आधार पर अवलोकन करते हुए, अंतिम चयन किया। जोशी ने संस्था की अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम में डॉ. रेणुका व्यास एवं पूर्ण शर्मा “पूर्ण” ने अपनी रचना प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।
इस दौरान राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. शरद चंद्र मेहता तथा वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र जैन ने पोकरमल-राजरानी गोयल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विचार व्यक्त किए। वहीं डाॅ. रेणुका व्यास और पूर्ण शर्मा”पूरण के व्यक्तित्व और कृतित्व पर डॉ. नमामी शंकर आचार्य और राजाराम स्वर्णकार ने विचार व्यक्त किए। अभिनंदन पत्रों का वाचन एड. इसरार हसन कादरी और व्यंगकार आत्माराम भाटी ने किया। कार्यक्रम का संचालन ज्योति प्रकाश रंगा ने किया। कार्यक्रम में एडवोकेट हीरालाल हर्ष, सुरेश कुमार गोयल, राजेश गोयल, परवेश गोयल,महावीर इंटरनेशनल के पूर्व अध्यक्ष पूर्णचंद राखेचा, एडवोकेट ओम भदानी, पूनमचंद सुराणा, कल्याणमल सुथार, संजय कोचर, बृजमोहन अग्रवाल ,गजेंद्र सिंह राठौड़, चंद्रशेखर जोशी, जगदीश रत्नू, डॉक्टर फारुख चौहान, बाबूलाल छंगानी शिव शंकर शर्मा एडवोकेट सुरेंद्र कुमार शर्मा, अविनाश व्यास, नदीम अहमद नदीम, हरीश बी शर्मा, मुकेश पॉपली, डॉ गौरी शंकर प्रजापत, चित्रकार योगेंद्र पुरोहित, संजय जनागल, नरसिंह बिनानी, एडवोकेट सतीश शर्मा,पत्रकार ओम दइया, अनिल व्यास, शिवशंकर व्यास, सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे। आगंतुकों का आभार व्यंगकार-सम्पादक डॉ. अजय जोशी ने जताया।

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