
भूतनाथ घाट पर एआई और सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना, जलस्तर से लेकर रोशनी एवं बैरिकेडिंग तक की होगी विशेष व्यवस्था
आसनसोल। छठ महापर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शनिवार को राज्य की नगर पालिका एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने आसनसोल नगर निगम के 97 नंबर वार्ड स्थित दामोदर नदी के भूतनाथ छठ घाट का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। उनके साथ नगर निगम के कमिश्नर एवं प्रशासक दिलीप मिश्रा, महकमा शासक तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने घाट की वर्तमान स्थिति, मरम्मत कार्य, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का बारीकी से आकलन किया। विशेष रूप से छठ व्रतियों की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर चर्चा हुई। घाट पर सीसीटीवी और एआई आधारित कैमरे लगाने के साथ चेंजिंग रूम, बायो टॉयलेट, पर्याप्त रोशनी, बैरिकेडिंग तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने शहर के अन्य छठ घाटों का भी निरीक्षण कर अधिकारियों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने को कहा।

इस दौरान अग्निमित्रा पाल ने कहा कि चोरबागान की दुखद घटना के बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। किसी भी तरह की दुर्घटना को रोकना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि सभी संबंधित पक्षों की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने राज्य के 23 जिलों में मंत्रियों को विशेष निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
उन्होंने बताया कि दामोदर घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जलस्तर की निगरानी की जा रही है। इसके लिए डीवीसी से निर्धारित समय पर पानी छोड़ने का अनुरोध किया गया है, ताकि 15 नवंबर की रात छठ पूजा के दौरान नदी में पर्याप्त जलस्तर बना रहे और व्रतियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसके अलावा दामोदर रेल ब्रिज के समीप कथित अवैध बालू खनन का मुद्दा उठाते हुए मंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित बालू खनन से पुल की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित होने की आशंका है। इस संबंध में रेलवे को पत्र लिखकर पुल का तकनीकी निरीक्षण एवं हेल्थ ऑडिट कराने की मांग की जाएगी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। प्रशासनिक अधिकारियों को घाटों पर बेहतर समन्वय के साथ काम करने और सभी आवश्यक इंतजाम समय से पूरा करने को कहा गया है, ताकि आस्था के इस महापर्व पर किसी भी श्रद्धालु को परेशानी का सामना न करना पड़े।
