विजयादशमी पर सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त रही रानीगंज ट्रैफिक पुलिस, नियम तोड़ने वालों के कटे चालान

बिना हेलमेट बाइक चलाने और दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी बैठाने वालों पर कार्रवाई, त्योहार की खुशियों के बीच लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटा पुलिस प्रशासन

रानीगंज। विजयादशमी के उल्लास के बीच सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट का यातायात विभाग पूरी तरह सतर्क रहा। त्योहार के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्ती बरतते हुए रानीगंज ट्रैफिक पुलिस ने विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने और बाइक पर तीन सवारियां बैठाकर सफर करने वाले कई चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई तथा उनके वाहनों के चालान काटे गए। पुलिस ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत देते हुए स्पष्ट किया कि त्योहार के उत्साह में अपनी और दूसरों की सुरक्षा को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। दुर्गापूजा और विजयादशमी के अवसर पर बाजारों, पूजा पंडालों, प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। विजयादशमी के दिन रावण दहन देखने, परिवार और मित्रों के साथ घूमने तथा विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग घरों से निकलते हैं। ऐसे में सड़कों पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ यातायात व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है। त्योहार के दौरान थोड़ी-सी लापरवाही भी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के निर्देशानुसार रानीगंज ट्रैफिक विभाग ने यातायात नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया। पुलिसकर्मियों ने सड़कों पर वाहनों की जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की।अभियान का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना और लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना रहा।विजयादशमी के दिन जांच के दौरान कुछ दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के बाइक चलाते हुए पाए गए। वहीं, कुछ लोग मोटरसाइकिल पर निर्धारित क्षमता से अधिक, तीन सवारियां बैठाकर यात्रा कर रहे थे। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले ऐसे चालकों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की और कई वाहनों के चालान काटे। जांच के दौरान कुछ वाहन चालकों के पुलिस को देखकर वहां से निकलने की कोशिश करने की बात भी सामने आई। हालांकि, यातायात नियमों का पालन करने के बजाय जांच से बचने की कोशिश करना न केवल कानून के प्रति लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि इससे सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। पुलिस की ओर से वाहन चालकों को समझाया गया कि यातायात नियम केवल चालान से बचने के लिए नहीं बनाए गए हैं। इनका पालन करना प्रत्येक वाहन चालक की जिम्मेदारी है। विशेषकर त्योहार के दौरान, जब सड़कों पर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में लोग निकलते हैं, तब सावधानी और भी जरूरी हो जाती है। सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोटों और जान के नुकसान की आशंका को कम करने में हेलमेट और सीट बेल्ट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके बावजूद कई लोग छोटी दूरी का हवाला देकर बिना हेलमेट बाइक चलाते हैं या कार में सीट बेल्ट लगाने से बचते हैं। इस तरह की लापरवाही दुर्घटना के समय जानलेवा साबित हो सकती है। दोपहिया वाहन चलाते समय चालक के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट का इस्तेमाल जरूरी है। वहीं, चारपहिया वाहन में यात्रा करते समय सीट बेल्ट लगाना चाहिए। वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करना, यातायात संकेतों पर ध्यान देना और वाहन में निर्धारित संख्या से अधिक लोगों को नहीं बैठाना भी सुरक्षित यात्रा के लिए आवश्यक है। त्योहार के दौरान सड़कों पर भीड़ बढ़ने के कारण वाहन चालकों को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। जल्दबाजी में वाहन चलाने, अचानक दिशा बदलने और तेज गति से निकलने की कोशिश से बचना चाहिए। खासकर पूजा पंडालों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों के आसपास वाहन चलाते समय पैदल चलने वालों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।विजयादशमी का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। ऐसे में इस पर्व को मनाते समय जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय देना भी जरूरी है। परिवार के साथ घर से निकलने वाला प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि वह उत्सव का आनंद लेने के बाद सुरक्षित अपने घर लौटे। लेकिन यातायात नियमों की अनदेखी इस खुशी को पलभर में दुख में बदल सकती है। रानीगंज ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को अनावश्यक परेशानी में डालना नहीं, बल्कि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और संभावित दुर्घटनाओं को रोकना है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ वाहन चालकों को जागरूक करना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस की इस पहल से वाहन चालकों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि त्योहार के दौरान सड़क पर निकलते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें तथा अपनी सुरक्षा के साथ दूसरे राहगीरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। सड़क सुरक्षा का संदेश स्पष्ट है—त्योहार का आनंद तभी पूरा है, जब हर व्यक्ति सुरक्षित अपने घर लौटे। विजयादशमी के उल्लास के बीच यातायात नियमों का पालन कर ही दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सकता है और त्योहार की खुशियों को बरकरार रखा जा सकता है।

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