
डॉल्फिन मैदान से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरा संचलन, संघ के 100 वर्षों की यात्रा और सामाजिक कार्यों पर हुई चर्चा
रानीगंज। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को रानीगंज में भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस दौरान संघ के स्वयंसेवकों ने अनुशासन और एकजुटता का परिचय देते हुए नगर के विभिन्न मार्गों पर संचलन किया। पथ संचलन के दौरान जगह-जगह स्थानीय लोगों ने शंख ध्वनि और पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। आयोजन के माध्यम से संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और समाज को संगठित एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य को सामने रखा गया। पथ संचलन की शुरुआत रानीगंज के डॉल्फिन मैदान से हुई। यहां से स्वयंसेवक अनुशासित तरीके से एनएसबी रोड होते हुए रानीगंज बाजार पहुंचे। इसके बाद नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए संचलन पुनः डॉल्फिन मैदान पहुंचा, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे मार्ग में स्थानीय लोगों ने उत्साह के साथ स्वयंसेवकों का स्वागत किया। शंख ध्वनि और पुष्पवर्षा के बीच निकले पथ संचलन ने नगर में विशेष आकर्षण पैदा किया। इस अवसर पर जिला संघचालक प्रदीप सिंह, जिला सह-कार्यवाह नीलेंदु चटर्जी, राकेश चौहान, पवन मंडल, भास्कर फरफरिया, हरिप्रश्न दे, मनीष सिंह, अंकित सिंह, चंद्र मोहन पाल, सौभिक घोष, दीनबंधु जोशी और मानिक बर्मा सहित संघ के कई पदाधिकारी एवं स्वयंसेवक उपस्थित थे। संघ के शताब्दी वर्ष और पथ संचलन के उद्देश्य के बारे में जानकारी देते हुए जिला संघचालक प्रदीप सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज को संगठित करना, सामाजिक एकता को मजबूत करना और संघ के कार्यों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। इसी क्रम में विभिन्न नगरों और खंडों में पथ संचलन आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ की ओर से 67 विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। इसके अंतर्गत हिंदू सम्मेलन, प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन और एकत्रीकरण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। संघ का प्रयास है कि उसके कार्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की प्रत्येक बस्ती तथा प्रत्येक मंडल तक पहुंचें, ताकि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संपर्क और सहभागिता बढ़ाई जा सके। प्रदीप सिंह ने कहा कि संघ का मानना है कि सशक्त समाज ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला है। जब समाज संगठित और जागरूक होगा, तभी राष्ट्र भी मजबूती के साथ आगे बढ़ सकेगा। उन्होंने भारत को पुनः विश्वगुरु के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ इसी दिशा में समाज के बीच कार्य कर रहा है। उन्होंने इस विचार को स्वामी विवेकानंद के सपने से जोड़ते हुए सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण के महत्व पर जोर दिया। पथ संचलन के दौरान नगरवासियों की ओर से मिले स्वागत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रदीप सिंह ने सभी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि समाज संघ के कार्यों को आशा की दृष्टि से देख रहा है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने शारदीय दुर्गापूजा के अवसर पर रानीगंज के सभी निवासियों को शुभकामनाएं दीं। रानीगंज में आयोजित इस पथ संचलन के माध्यम से संघ ने अपने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों, सामाजिक एकता और संगठनात्मक गतिविधियों को जनसामान्य तक पहुंचाने का संदेश दिया।
